सतना में धान खरीदी केंद्र पर बिहार से मजदूर बुलाए जाने से विवाद। मजदूरों को 1 रुपये प्रतिक्विंटल तक कम मजदूरी, स्थानीय कामगार नाराज़, श्रम कानूनों के पालन पर सवाल।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
सेमरिया रोड में स्थित कृषि उपज मंडी में संचालित धान उपार्जन समिति ने प्रदेश की सीमा के पार से मजदूर बुलाएं हैं। जानकारी के मुताबिक यहां संचालित सकरिया क्रमांक दो नामक समिति में धान की तौलाई और बोरी पैक करने के लिए बिहार राज्य से मजदूर लाए गए हैं, ये मजदूर जनपद (जिला) महाराजगंज के निवासी हैं। इन मजदूरों ने बताया कि वह यहां केंद्र बनने के बाद आये हैं। तब से धान की तौलाई सहित अन्य कार्य कर रहे हैं। इनके लीडर (नाम नहीं बताया) ने जानकारी दी कि समिति 25 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मजदूरी दे रही है। यह 25 रुपए 25 लोगो के लिये दिया जा रहा है। यानि 1 व्यक्ति 1 रुपए ही मजदूरी पड़ रही है। इसके अलावा बोरी के लिए किसान प्रति बोरी 2 रुपया दे रहा है।
106 खरीदी केंद्र बनाए गए : सतना जिला में धान उपार्जन के लिए 1 सैकड़ा से भी अधिक खरीदी केंद्र बनाएं गए हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी सम्यक जैन ने बताया कि जिला में 106 धान उपार्जन केंद्र बनाये गए हैं। शनिवार तक 18646 मीट्रिक टन और मैहर में 2085 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है।
हर दिन 800 क्विंटल तौलाई
धान की तौलाई के लिए बिहार से इन मजदूरों में 20 साल से लेकर 40 साल तक के युवा है। जो सुबह 10 बजे से लेकर शाम तक तौलाई आदि का काम करते हैं। इन मजदूरों ने बताया कि दिन भर में 800 क्ंिवटल धान की तौलाई की जा रही है। इसके एवज में हर दिन की दिहाड़ी मिल जाती है। हालांकि मजदूर 40 दिन के करार पर यहां आए हैं।
लालता चौक के कामगार नाराज
बिहार से आए मजदूरों की खबर लगते ही लालता चौक के मजदूर नाराज है। उनका कहना है कि लोगों को जरूरत पड़ती है तो हमारी पूछ -परख करते हैं। अब जब इन दिनों हमको काम की आवश्यकता है तो बाहर से मजदूर लाकर काम करा रहे हैं। बोरी उठाना और तौलाई करना तो सरल काम है तो हमारी पूछ-परख
नहीं है।
यहां काम के लिए ही आये। वहां भी मजदूरी की करते हैं। अपने गांव में कारपेंटर का काम करते हैं, इसके अलावा कहीं भी कुछ काम मिला तो चले जाते हैं। पढ़ाई 6 वीं तक हुई है।
फहीम, मजदूर
अपने गांव में जो भी छोटा-मोटा काम मिलता है करते हैं। कहीं और मिल जाता है तो वहां चले जाते हैं। हाईस्कूल तक पढ़ा हूं। हमारे यहां 300 रुपए मजदूरी है। यही कारण है कि बाहर जाना पड़ता है।
शाहरुख, मजदूर
भाई, ऐसा ही काम तो कहीं मिल जाता है। यहां रोज नहीं है लेकिन धान खरीदी में रोज है तो लोकल के मजदूरों पर भरोसा कर लेते। यह तो एक तरह की ज्यादती हम जैसों पर।
राजेन्द्र यादव, दिहाड़ी मजदूर
क्या कहता है कानून
जब कोई ठेकेदार एक राज्य से दूसरे राज्य में 5 या उससे अधिक मजदूर काम पर लाता है, तो आॅक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशनल कोड 2020 के अंतर्गत आता है। तब अपने राज्य के श्रम विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। श्रमिकों की कुल संख्या, कार्य स्थल, ठेकेदार का विवरण देना जरूरी। ठेकेदार को दोनों राज्यों से लाइसेंस लेना अनिवार्य जिस राज्य से मजदूर भेजे जा रहे हैं जिस राज्य में मजदूर काम करेंगे। लाइसेंस के बिना मजदूर लाना अवैध माना जाता है।
महाराजगंज के इन मजदूरों के रहने का ठिकाना मंडी में ही बने किसान कैंटीन के बगल से बने भवन और खाली पड़े एक तीन शेड में किया गया है। इन मजदूरों की मजबूरी यह है कि ठंड से बचने के लिए सूत से बने बोरा का सहारा लेना पड़ रहा है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2-3 अक्टूबर को भोपाल दौरे पर रहेंगे। वे भेल मैदान में गोपालक सम्मेलन, नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी और IISER परिसर का शिलान्यास करेंगे।
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने भोपाल में कोर कमेटी और पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नेताओं के स्वागत में जेसीबी से फूल बरसाने पर रोक लगाने और 3 महीने के भीतर गुटबाजी खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश में शिक्षकों का आंदोलन हुआ उग्र। टीईटी अनिवार्यता, ई-अटेंडेंस और वरिष्ठता जैसी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में प्रदर्शन। 2 अक्टूबर को प्रदेशभर में होगा उपवास और सत्याग्रह।
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद पर जमीयत उलमा मप्र के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने कोर्ट में तथ्य छिपाने, सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन फीट जमीन के वैकल्पिक उपायों और गिरफ्तारियों पर तीखे सवाल उठाए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास कार्यों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 और 'सेवा संकल्प अभियान' की जानकारी दी।
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामले में आयोग की रिपोर्ट सामने आ गई है। लापरवाही और देरी के कारण 36 से अधिक लोगों की मौत के लिए 8 अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है, जबकि जनप्रतिनिधियों को क्लीन चिट मिल गई है।
मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त निर्देश दिए हैं। स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी, हॉट स्पॉट की पहचान और हेल्पलाइन नंबर जैसी अहम जानकारियों के साथ पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव का दौरा किया। उन्होंने कुपोषण और मलेरिया से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह आज बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से प्रभावित बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र का गुरुवार को उत्साहपूर्ण आगाज हुआ। पर्यटन सत्र के पहले दिन ताला, मगधी और खितौली गेट को आकर्षक ढंग से सजाया गया। पार्क प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।