मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ (नयापुरवा) में कुआं खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से 5 मजदूर दब गए। 3 के शव निकाले गए हैं। परिजनों ने सरपंच पर लापरवाही और जबरन काम कराने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

पन्ना। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ जनपद से एक बेहद दर्दनाक और आक्रोशित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ बीहरपुरवा के नयापुरवा गांव में एक खेत पर कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिसके मलबे में 5 मजदूर जिंदा दफन हो गए। अब तक तीन मजदूरों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि दो अब भी लापता हैं। हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे का बताया जा रहा है। घटना के बाद से प्रशासनिक लेट-लतीफी को लेकर ग्रामीणों में भारी गुस्सा है।
जानकारी के मुताबिक, नयापुरवा निवासी बिन्नू अहिरवार के खेत पर पिछले 10 दिनों से 7 मजदूर कुएं की खुदाई और उसे गहरा करने का काम कर रहे थे। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे दो मजदूर पानी पीने के लिए कुएं से बाहर निकले ही थे कि तभी कमजोर और गीली मिट्टी अचानक भरभरा कर नीचे गिर गई।

इस मलबे की चपेट में आने से कुएं के अंदर काम कर रहे चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव, चुनवाद पाल सहित एक अन्य मजदूर पूरी तरह दब गए। हादसे का शिकार हुए 4 लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं।

परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे को 3 घंटे से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी शासन या प्रशासन की तरफ से कोई रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची। सरकारी तंत्र की इस बेरुखी को देखकर ग्रामीणों ने खुद चंदा कर निजी जेसीबी मशीनें मंगवाईं और मलबे को हटाने का काम शुरू किया। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद राजकुमार यादव, चुनवाद पाल और एक अन्य मजदूर का शव बाहर निकाल लिया गया है, जबकि दो की तलाश जारी है।
मृतक मजदूर के परिजनों ने रोते हुए स्थानीय व्यवस्था और सरपंच पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि यह कुआं पिछले साल की खुदाई और पानी के भराव के कारण पहले से ही काफी कटा हुआ और बेहद खतरनाक स्थिति में था। कोई भी मजदूर वहां जान जोखिम में डालकर काम करने को तैयार नहीं था। आरोप है कि सरपंच को इस खतरे का बखूबी अंदाजा था, इसलिए उसने मजदूरों को बुलाने के लिए सामान्य मजदूरी (350 रुपये) से बढ़ाकर 500 रुपये दिहाड़ी का लालच दिया और जबरन काम चालू रखा।
परिजनों के अनुसार, जैसे ही यह भयानक हादसा हुआ, आरोपी सरपंच मौके से भाग निकला। पीड़ित परिवार ने हाथ जोड़कर और रोते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पूरी तरह से भ्रष्टाचार मचा हुआ है। परिजनों ने मांग की है कि उनकी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचे ताकि इस लापरवाही के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सके और मलबे में दबे बाकी अपनों को जल्द बाहर निकाला जा सके।

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