पन्ना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुंबई से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी थाईलैंड और कम्बोडिया से संचालित 'डिजिटल अरेस्ट' गैंग से जुड़े थे। प्रतिबंधित सिमबॉक्स डिवाइस के जरिये आम नागरिकों को सरकारी अधिकारी बनकर धमकाया जाता था। पुलिस ने 27 लाख से अधिक की सामग्री जब्त की है।

थाईलैंड-कम्बोडिया से ऑपरेट हो रही थी साइबर ठगी
पन्ना, स्टार समाचार वेब
जिले की पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो थाईलैंड और कंबोडिया से संचालित हो रहा था और भारत में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी कर रहा था। इस हाई-टेक नेटवर्क में शामिल दो आरोपियों को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी भारत में प्रतिबंधित सिमबॉक्स डिवाइस के जरिए लोगों को सरकारी अधिकारी बनकर धमकाते थे और डिजिटल ठगी को अंजाम देते थे। इस मामले को लेकर आज पुलिस अधीक्षक सांई कृष्ण थोटा ने प्रेसवार्ता आयोजित कर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामला तब सामने आया जब पन्ना निवासी अंशु शर्मा निवासी धाम मोहल्ला से किसी अज्ञात शख्स ने कॉल कर डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी और कहा कि उनकी आईडी का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। डर और भ्रम में आकर फरियादिया ने 14 लाख की राशि आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दी। इसके बाद पन्ना कोतवाली में अपराध धारा 351(2), 318 बीएनएस के तहत मामला दर्ज हुआ और इसकी जांच साइबर सेल टीम व थाना कोतवाली पुलिस ने शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच और साक्ष्य के आधार पर मुंबई के मानपाड़ा थाना क्षेत्र से दो आरोपियों ऋषिकेश उर्फ ऋषभ हसूरकर 27 वर्ष निवासी हसूरकर बिल्डिंग, कोल्हापुर, महाराष्ट्र वर्तमान पता 901, खोनी, तालोजा रोड, अंतरेली, लोढ़ा ग्रुप, मानपाड़ा, ठाणे एवं सुरेश गुड़ीमनी पिता राजू गुड़ीमनी 31 वर्ष निवासी: चिकोडी, जिला बेलगांव, कर्नाटक वर्तमान पता 901, खोनी, तालोजा रोड, अंतरेली, लोढ़ा ग्रुप, मानपाड़ा, ठाणे को गिरफ्तार किया।
विदेश से बॉस देता था आदेश
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनकी पहचान टेलीग्राम के माध्यम से थाईलैंड व कम्बोडिया में रह रहे साइबर अपराधियों से हुई, जिनमें एक व्यक्ति को वे बॉस के नाम से जानते थे। बॉस ने भारत में सिमबॉक्स तकनीक से फ्रॉड करने की जानकारी दी और उन्हें कोरियर से प्रतिबंधित सिमबॉक्स डिवाइस भेजी गईं। आरोपियों ने मुंबई में एक किराए के फ्लैट में पूरा सेटअप तैयार किया और 1700 से अधिक एयरटेल सिमकार्ड का उपयोग करके भारतीय नागरिकों को भ्रमित करने के लिए लोकल नंबरों से कॉल कर डिजिटल अरेस्ट, सीबीआई केस, मनी लॉन्ड्रिंग जैसी धमकियां दी जाती थीं।
अब तक 27 लाख से अधिक की सामग्री जब्त
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से कुल 27,10,000 की सामग्री बरामद की है। जिसमें 12 सिमबॉक्स डिवाइस 14.4 लाख, 1700 से अधिक एयरटेल सिम कार्ड 6.8 लाख, 19 मोबाइल फोन 3.5 लाख, 3 लैपटॉप, 4 राउटर, 4 गैंगबॉक्स 1.1 लाख, 1.5 लाख रुपये नकद, थाईलैंड-कंबोडिया की विदेशी करेंसी, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, ब्लैंक चेक, दस्तावेज आदि बरामद हुई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट या किसी सरकारी एजेंसी की धमकी के नाम पर कोई भी कॉल आए, तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
पन्ना पुलिस की बड़ी सफलता
इस ऑपरेशन को अंजाम देने में पन्ना पुलिस ने बड़ी उपलब्धी हासिल की है। संपूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस. थोटा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक: सुश्री वंदना चैहान के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी पन्ना एस.पी. सिंह बघेल के निर्देशन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक रोहित मिश्रा, थाना प्रभारी धरमपुर उप निरीक्षक अनिल सिंह राजपूत, चैकी प्रभारी सिविल लाइन उप निरीक्षक शक्ति पाण्डेय, साइबर सेल टीम, पन्ना से प्र.आर. राहुल सिंह बघेल, आशीष अवस्थी, धर्मेंद्र सिंह राजावत, राहुल पांडेय, प्र.आर. खेमचंद राय, संदीप पटेल, रामगोपाल शुक्ला, राहुल सिंह सूर्यवंशी का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक पन्ना द्वारा टीम को 10,000 का इनाम देने की घोषणा की गई है। साथ ही पुलिस महानिदेशक म.प्र. व आई.जी. सागर जोन को इनाम हेतु प्रस्ताव भेजा गया है।


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