राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर में स्वदेशी LCH प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भरकर इतिहास रचा। जानें सुखोई और राफेल के बाद राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक उड़ान और 'वायु शक्ति 2026' युद्धाभ्यास की पूरी जानकारी।
By: Ajay Tiwari
Feb 27, 202611:47 AM
प्रचंड हेलिकॉप्टर की खासियतें (Quick Facts)
जैसलमेर। स्टार समाचार वेब
राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को रक्षा क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया। उन्होंने जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड' में उड़ान भरी। इसके साथ ही वह इस स्वदेशी लड़ाकू हेलिकॉप्टर में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।

प्रचंड' आत्मनिर्भरता का प्रतीक
सुबह करीब 10:15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ उड़ान भरने के बाद राष्ट्रपति ने 25 मिनट तक सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया। जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग के ऊपर से गुजरते हुए उन्होंने रेडियो के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने कहा- "आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भरना मेरे लिए गर्व का विषय है। यह हेलिकॉप्टर हमारी आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। मैं देश के वीर जवानों को सलाम करती हूँ। जय हिंद, जय भारत।"
सुखोई और राफेल के बाद 'प्रचंड' का सफर
राष्ट्रपति मुर्मू ने एक बार फिर अपनी साहसी छवि पेश की है। इससे पहले वे सुखोई-30 MKI और राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में भी उड़ान भर चुकी हैं। आज की उड़ान से पहले वायुसेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर की मारक क्षमता और तकनीकी बारीकियों के बारे में ब्रीफिंग दी, जिसके बाद वे पायलट की यूनिफॉर्म में कॉकपिट में सवार हुईं।
शाम को 'वायु शक्ति-2026' में शिरकत
हवाई उड़ान के बाद राष्ट्रपति मुर्मू शाम 5 बजे पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित होने वाले वायुसेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' की साक्षी बनेंगी। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान अपनी सटीक मारक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।