'प्लेटफार्म' नामक यह तीखा व्यंग्यात्मक लेख करन उपाध्याय द्वारा लिखा गया है, जिसमें बताया गया है कि किस तरह कुछ 'छोटे साहब' रेलवे को अपनी निजी संपत्ति की तरह चला रहे हैं। टिकट कन्फर्म हो या चाय-पानी, हर सेवा 'अपनों' के लिए। वहीं आम जनता आज भी वेटिंग लिस्ट में ठगी सी बैठी है।

छोटे साहब की बड़ी सेवा
रेलवे में कुछ छोटे साहब ऐसे हैं जो अपनों की चिंता में ही रेलवे सेवा का धर्म निभा रहे हैं। कहते हैं, ह्य आपकी टिकट कन्फर्म नहीं है? कोई बात नहीं, हम करा देंगे। सफर में कोई दिक्कत? चाय-पानी की भी व्यवस्था हो जाएगी। ऐसा लगता है मानो रेलवे बोर्ड ने इनको स्पेशल पॉवर दे रखें हो इसके लिए। वहीं, आम आदमी का टिकट वेटिंग में रह जाए तो वह टीसी के पास जाकर उसके अनुनय विनय करने पर उसे ऐसा झन्नाटेदार जवाब मिलेगा.. जैसे उसने कोई गुनाह कर दिया हो। टीसी, अटेंडेंट, स्टेशन मास्टर, सभी को साहब ने पहले से ह्यसमझा ह्ण रखा है। खास ख्याल रखना जिसका हम कह रहे हैं। यात्री को ऐसा लगता है जैसे वह रेलवे का नहीं, बल्कि साहब की प्राइवेट 'चार्टर्ड ट्रेन' का यात्री बन गया है।
जब समय बलवान, तब वे पहलवान
विंध्य क्षेत्र के एक माननीय की रेलवे कृपा भी इन दिनों खूब चर्चा में है। कहते हैं कि उनके यहां कोई भी आए, एप्लीकेशन तैयार, मुहर तैयार और टिकट पक्का। जिसकी किस्मत में सीट नहीं थी, वो भी एसी में सफर करता हुआ दिखाई देता है। यह चर्चा आम है जब समय बलवान होता है, तो कोई भी पहलवान होता है। सत्ता में रहो तो नियम कायदे अपनी जेब में और जनता पूछे तो जवाब मिलता है कि अरे भाई, पॉलिसी है।
मांगें पुरानी, जवाब सरकारी
रीवा से मुंबई तक की ट्रेन की वर्षों पुरानी मांग आज भी रेलवे ट्रैक की तरह अधूरी पड़ी है। जब यात्रियों ने विंध्य के एक पार्टी कार्यकर्ता से पूछा कि तुम्हारे माननीय में दम नहीं है क्या? तो कार्यकर्ता भौंहे चढ़ाते हुए बोला ऐसा क्यों कह रहे हो? जवाब मिला दम होता, तो रीवा-मुंबई की ट्रेन अब तक शुरू हो गई होती। जवाब में वही घिसा-पिटा डायलॉग कि सेंट्रल रेलवे पर ट्रैफिक ज्यादा है। अरे भैया, अगर ट्रैफिक की बात है तो बिहार से मुंबई के लिए ट्रेनें कैसे धड़धड़ाती जा रही हैं, क्या रीवा के लिए ही सेंट्रल रेलवे का ट्रैफिक है? या फिर वहां के माननीय वाकई पहलवान हैं?
गति शक्ति या कछुआ गति?
प्लेटफार्म नंबर एक पर अगर आपने दो साल पुराना स्टेशन रि-डेवलपमेंट प्लान देखा हो, तो आप जान जाएंगे कि बड़े-बड़े वादे कैसे प्लेटफार्म पर ही दम तोड़ते हैं। योजना थी कि दो साल में सतना स्टेशन का कायाकल्प हो जाएगा, ले-आउट बन चुका था, मॉडल लगा दिया गया था, और हर नेता ने आकर वादा किया कि अबकी बार, सब कुछ बदल देंगे। अब हालत यह है कि ले-आउट के पास खड़े लोग खुद मजाक में कहते हैं कि ये है गतिशक्ति की कछुआ गति। स्टेशन वही है, समस्याएं वही हैं, सिर्फ घोषणाएं बदलती रहती हैं। नाम है गतिशक्ति, और गति ऐसी जैसे लोको पायलट खुद चाय पीने गया हो।
पटरियों से उतर रहा भरोसा
रेलवे एक ऐसा आईना बन चुका है जिसमें सत्ता के चेहरे की साफ परछाई दिखाई देती है। जहां अपनों के लिए ट्रेन सुपर फास्ट है, वहां जनता अब भी वेटिंग लिस्ट में बैठी है। साहब के चपरासी की मुहर से टिकट मिलता है और आम यात्री की अर्जी रद्दी की टोकरी में पड़ी रहती है। हो सकता है यह बातें कुछ लोगों को चुभें, लेकिन यह भी सत्य है कि जब रेलवे जैसी सार्वजनिक सेवा अपनों की सेवा बन जाए, तो जनता का भरोसा धीरे-धीरे पटरियों से उतरने लगता है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।