मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राजस्व अधिकारियों के कार्य विभाजन के फैसले के खिलाफ बगावत शुरू हो गई है। रीवा सहित 9 जिलों में अधिकारियों ने 6 अगस्त से विभागीय कार्यों का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। वे सिर्फ आपदा प्रबंधन तक सीमित रहेंगे। पढ़ें क्या हैं उनकी मांगें और अगला कदम।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
सरकार के कार्य विभाजन के फैसलने ने राजस्व अधिकारियों को बागी बना दिया है। राजस्व अधिकारियों ने 6 अगस्त से किसी भी तरह का काम करने से इंकार कर दिया है। वह आपदा प्रबंधन के अलावा कोई काम नहीं करेंगे। गाड़ी, डिजिटल साइन सब सरेंडर कर रहे हैं। मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को राजस्व अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर चेतावनी दे दी है। जब तक तुगलकी आदेश वापस नहीं होगा, तब तक बगावत जारी रहेगा।
ज्ञात हो कि सरकार ने राजस्व अधिकारियों के बीच कार्यों का बटवारा कर दिया। एक ही संवर्ग के अधिकारियों के बीच दो तरह के कार्यों का बंदरबाट कर दिया गया। कुछ को गैर न्यायालयीन और कुछ को न्यायालयीन कार्य सौंप दिया गया। सरकार ने पहले राजस्व अधिकारियों को भ्रम में रखा। कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू करने की बात कही गई। राजस्व न्यायालयों को मर्ज नहीं करने की बात कही गई थी लेकिन बाद में 9 जिलों के कलेक्टर ने वायदें के विपरीत काम किया। इसमें रीवा कलेक्टर भी शामिल रहीं। उन्होंने शासन के निर्देशों के विपरीत काम किया। राजस्व न्यायालयों को मर्ज कर दिया गया। गैर न्यायालयीन अधिकारियों को स्टाफ रहित कर दिया। अब यही कार्य विभाजन बगावत की वजह बन गई है। रीवा के राजस्व अधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर काम से विरत करने की घोषणा कर दी है। 6 अगस्त से अधिकारी ड्यूटी पर तो रहेंगे लेकिन विभागीय काम नहीं करेंगे। ज्ञापन सौंप कर तुगलकी आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है।
यह हैं प्रमुख मांगें
राजस्व अधिकारियों की मांग है कि संवर्ग में विभाजन की इस योजना को पूरी तरह से वापस नहीं लिए जाने तक राजस्व अध्ािकारी सिर्फ आपदा प्रबंधन कार्य ही करेंगे। इसके अलावा किसी तरह का काम नहीं करेंगे। अवकाश या हड़ताल पर भी नहीं जाएंगे। इसके अलावा मांग की गई है कि कार्यपालिक दंडाधिकारी की शक्तियां पुलिस या फिर सामान्य प्रशासन विभाग या किसी अन्य को सौंपी जाएं। राजस्व अधिकारी शासकीय वाहन, डिजिटल सिग्नेचर के डोंगल सीलबंद करने के बाद एकत्र कर जिला अध्यक्ष को सौंप देंगे। वाट्सअप ग्रुप भी छोड़ देंगे। प्रतिदिन 6 बजे जिले की स्थापना शाखा में संयुक्त उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति प्रस्तुत करेंगे।


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