रीवा संभाग में राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक, सिंगरौली को शाबासी, अन्य जिलों को सख्त निर्देश, बकायादारों पर कार्रवाई के आदेश।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
सोमवार को कमिश्नर ने संभागभर के कलेक्टरों की क्लास लगाई। राजस्व अधिकारी भी मौजूद रहे। राजस्व कार्यों की कमिश्नर ने जिलावार समीक्षा की। राजस्व वसूली में कमिश्नर ने नाराजगी जताई। सिंगरौली जिला ने राजस्व वसूली में बेहतर रहा। कलेक्टर को शाबासी मिली। वहीं अन्य जिलों के कलेक्टर और राजस्व अधिकारियों को कमिश्नर की फटकार खानी पड़ी। कमिश्नर ने कलेक्टर को बड़े बकायादारों से कठोरता से वसूली करने के निर्देश दिए। धारणाधिकार योजना से जारी पट्टों में राशि जमा न करने वालों को पट्टा निरस्त करने का नोटिस के निर्देश दिए। सीधी, मैहर और मऊगंज को राजस्व वसूली में तेजी लाने को कहा गया है। कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने राजस्व कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि संभाग के सभी जिलों में नामांतरण के प्रकरणों का निराकरण तेजी से किया जा रहा है। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के सभी प्रकरण तय समय सीमा में निराकृत करें। किसी भी स्थिति में प्रकरण 6 महीने से अधिक समय तक लंबित न रहे। जो प्रकरण समय सीमा से बाहर हो गए हैं उन्हें शीघ्र सुनवाई करके निराकृत करें। कलेक्टर लोक सेवा गारंटी योजना तथा आरसीएमएस पोर्टल में समय सीमा से बाह्य प्रकरण होने पर संबंधित राजस्व अधिकारियों पर जुमार्ने की कार्रवाई करें। बंटवारा का कोई भी प्रकरण तीन माह से अधिक समय से लंबित न रहे। सभी एसडीएम राजस्व प्रकरणों के निराकरण की नियमित समीक्षा करें। बंटवारा तथा सीमांकन के बाद उनका अमल दरामद अनिवार्य रूप से कराएं। राजस्व प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। कलेक्टर अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण की तहसीलवार समीक्षा करें। किसी भी स्थिति में आरसीएमएस पोर्टल में प्रकरण दो वर्ष से अधिक समय से लंबित न रहे। बैठक में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर सतना सतीश कुमार एस, कलेक्टर सिंगरौली गौरव बैनल, कलेक्टर मैहर रानी बाटड, कलेक्टर मऊगंज संजय कुमार जैन, उपायुक्त एलएल अहिरवार, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार शामिल हुए।
रीवा कलेक्टर ने कहा बकायादारों को दे रहे नोटिस
बैठक में कमिश्नर ने भू-अर्जन के प्रकरण, आईगॉट ट्रेनिंग तथा कार्यालयों के निरीक्षण के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर रीवा श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरणों का लगातार निराकरण किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की संख्या अधिक है। इसमें सभी अधिकारी लगातार प्रकरणों के निराकरण के प्रयास कर रहे हैं। एसआईआर का कार्य अब समाप्त हो गया है। अब राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी आएगी। लंबित राजस्व की वसूली के लिए बकायादारों को नोटिस दिया जा रहा है।
ई-आफिस को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश
किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने के लिए लगातार शिविर लगाएं। इनमें ग्राम रोजगार सहायक, पटवारी तथा आरएईओ को शामिल करें। फार्मर रजिस्ट्री के शेष किसानों और जमीनों को पोर्टल पर अपडेट करने के लिए विशेष प्रयास करें। हरहाल में 15 मार्च तक शेष बचे लक्ष्य का 70 प्रतिशत हासिल करें। स्वामित्व योजना में सत्यापन की कार्यवाही के बाद पात्र हितग्राहियों को भू स्वामित्व पत्र जारी करें। ई आफिस प्रणाली में रीवा संभाग प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। ई आफिस प्रणाली को सीधी, सतना, सिंगरौली, मैहर और मऊगंज जिले प्रभावी रूप से लागू करें। हर फाइल और पत्र ई आफिस के माध्यम से ही स्वीकार करें।
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण नान अटेंडेंड रहा तो गिरेगी गाज
कमिश्नर ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण में सभी राजस्व अधिकारियों ने बहुत अच्छा कार्य किया है। सभी एआरओ बीएलओ से प्राप्त फोटो का सत्यापन करें। सीएम हेल्पलाइन में कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी प्रकरण नॉन अटेंडेड न रहे। प्रकरण के नॉन अटेंडेड रहने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई करें। सीएम हेल्पलाइन में सौ दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष प्रयास करें।


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रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।