रीवा कलेक्ट्रेट में ओबीसी महासभा का उग्र प्रदर्शन, कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधने की घटना, प्रशासन और पुलिस पर गंभीर सवाल।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
कलेक्टर हम शर्मिंदा हैं...सोमवार का दिन रीवा के लिए शर्मनाक दिन रहा। यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन करने पहुंची ओबीसी महासभा की भीड़ ने सिर्फ रीवा के लोगों को ही परेशान नहीं किया। प्रशासन और कलेक्टर को भी शर्मिंदा किया। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने की जिद पर अड़े रहे। कलेक्टर नहीं पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने एक कुत्ते को पकड़ कर उसके गले में ज्ञापन बांध दिया। अभद्र भाषा का उपयोग किया गया। इतना ही नहीं कुत्ते को कलेक्ट्रेट परिसर में दौड़ाया भी गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौजूद रहा लेकिन सब तमाशबीन बने रहे। शर्मनाक प्रदर्शन के बाद शाम को प्रशासनिक अधिकारियों का जमीर जागा तो शिकायत दर्ज करने पहुंचा। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सोमवार को कलेक्ट्रेट के सामने तीन घंटे प्रदर्शन चला। ओबीसी महासभा यूजीसी के समर्थन में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंची थी। सैकड़ों की भीड़ के साथ पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। ओबीसी महासभा के कार्यकर्ता, समर्थक और पदाधिकारी कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने की जिद पर अड़े रहे। कलेक्टर नहीं आई तो उन्होंने सड़क पर ही जाम लगा दिया। तीन घंटे तक कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगा रहा। शाम साढ़े चार बजे तक प्रदर्शन चला। हालांकि ज्ञापन लेने मौके पर एडीएम, एसडीएम भी पहुंचे लेकिन प्रदशनकारी उन्हें ज्ञापन सौंपने को तैयार नहीं हुए। कलेक्टर को ही मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े रहे। जब कलेक्टर ज्ञापन लेने मौके पर नहीं पहुंची तो प्रदर्शनकारियों ने एक सड़क के कुत्ते को ही पकड़ कर उसके गले में ज्ञापन बांध दिया। उनका विरोध यहीं पर खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधने के बाद परिसर में दौड़ाया भी। नया कलेक्टर जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इसे शर्मनाक कृत्य को सभी ने देखा लेकिन किसी ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की। पुलिस और प्रशासन तमाशबीन बने रहे।
प्रशासन को कहा कुत्ता
प्रदर्शन के दौरान प्रदशर्नकारी ने अभद्र भाषाओं का भी उपयोग किए। उन्होंने प्रशासन को कुत्ता कहा। उन्होंने कहा कि यहां का कुत्ता जैसा प्रशासन, कुत्ता जैसा हरकत कर रहा है। प्रदर्शनकारियो ंने कहा कि यहां का प्रशासन कुत्ता जैसा हरकत कर रहा इसी वजह से एक कुत्ता पकड़ कर लाए और उन्हें ज्ञापन सौंपा है। उनके इस अभद्र व्यवहार ने पूरे प्रशासनिक अधिकारियों को ही नहीं विंध्य के लोगों को भी शर्मसार किया है।
पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई
कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगाने से सिर्फ मुख्य मार्ग ही प्रभावित नहीं हुआ। शहर के अन्य मार्गों पर भी असर दिखा। मुख्य मार्ग की भीड़ दूसरे रास्तों की तरफ डायवर्ट हुई। इसके कारण वेंकट मार्ग, घोड़ा चौराहा, प्रकाश चौराहा, अस्पताल चौराहा में भी जाम जैसे हालात बन गए। सभी जगह जाम ही जाम लगा रहा। लोगों को इस जाम के कारण परेशानियां उठानी पड़ी।
जाम के कारण फंसी रहीं बसें और एम्बुलेंस
ओबीसी महासभा पहले कलेक्ट्रेट ज्ञापन सौंपने पहुंचा था। बाद में सड़क पर जाम लगा दिया गया। जाम करीब तीन घंटे तक लगा रहा। जाम के कारण सवारी बसें, स्कूली बसें, एम्बुलेंस, आटो सहित अन्य वाहन फंस गए थे। तीन घंटे तक लोगों को जाम के कारण परेशान होना पड़ा। स्कूली बच्चों और मरीजों को सबसे बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। इस जाम का जिसने भी मौके पर पहुंच कर विरोध करने की कोशिश की उसे भीड़ का सामना करना पड़ा। अभद्रता का शिकार होना पड़ा।
देर शाम को थाना पहुंचे अधिकारी
कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन और अभद्र व्यवहार का शिकार हुए प्रशासनिक अधिकारी शाम को शिकायत लेकर सिविल लाइन थाना पहुंचे। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार थाना पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों की शिकायत पर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। अब वीडियो के माध्यम से लोगों की पहचान कर नामजद कियाजाएगा। एफआईआर करने के पहले घंटों तक विचार मंथन भी चला। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने का निर्णय लिया गया।
क्या बोले जिम्मेदार
यूजीसी बिल के समर्थन में कुछ समाज के वर्ग एकत्रित हुये थे। उनका कहना था कि कलेक्टर मैडम को ही ज्ञापन देंगे, जबकि हम लोग मौजूद थे और ज्ञापन लेने को तैयार थे। लेकिन वे ज्ञापन देने को तैयार नहीं हुये। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिस तरह से ज्ञापन दिया है वह उचित नहीं है।
सपना त्रिपाठी, एडीएम रीवा
आज जो दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है, उसको लेकर हम लोग आज सिविल लाइन थाना में आये हैं। जो घटनाक्रम हुआ उसे लेकर मीटिंग की है। देखने में आया कानून व्यवस्था बिगड़ी, लोग परेशान हुये। प्रर्दशनकारियों ने जो अपशब्दों का प्रयोग किया है व दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिये हम एफआईआर कराने की प्रक्रिया कर रहे हैं।
अनुराग तिवारी, एसडीएम रीवा
ओबीसी महासभा द्वारा किया गया प्रदर्शन न्यायिक गरिमा के विरुद्ध था। इसमें शामिल लोगों द्वारा बिना वैध अनुमति आम रास्ते को अवरुद्ध कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई है। कानून सबके लिये बराबर है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बीएनएस की धारा 160, 189, 190, 191, 194, 196, 199, 267, 270, 285, 352 व धारा 353 का अपराध कारित किया है। इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करनी चाहिये।
विनोद मिश्रा, अधिवक्ता जिला न्यायालय रीवा
कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर छोड़ना एक गलत और आसामान्य तरीका है। इसके बजाय शांतिपूर्ण और सम्मान जनक तरीकों का उपयोग करना चाहिये था।
नीरज पटेल, अधिवक्ता जिला न्यायालय रीवा

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