रीवा के सरकारी स्कूलों में नए सत्र के तीन महीने बाद भी विद्यार्थियों को पूरी किताबें नहीं मिलीं। हिंदी माध्यम की पुस्तकें अधूरी पहुंचीं, जबकि अंग्रेजी माध्यम के छात्र अब भी पुस्तकों का इंतजार कर रहे हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
सरकारी स्कूलों में एडमिशन लेने वाले छात्र अब तक किताब के इंतजार में है। शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया लेकिन किताबों का वितरण पूरा नहीं हो पाया है। हिंदी मीडियम की किताबें अधूरी पहुंची है। वहीं अंग्रेजी मीडियम की एक भी नहीं आई। सिस्टम ठप है। छात्र बिना किताबों के ही स्कूल जा रहे हैं। कोर्स पिछड़ रहा है।
आपको बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग में शैक्षणिक सत्र अप्रैल से ही शुरू कर दिया गया। अप्रैल में सरकार ने प्रवेश उत्सव के निर्देश दिए थे। सभी स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाया गया। स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश था कि छात्रों को एडमिशन के साथ ही पुस्तकों का भी वितरण किया जाए। हालांकि शासन की मंशा सिर्फ प्रायमरी और मिडिल तक ही सिमट कर रह गई। हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र अब तक पुस्तकों के मोहताज है। कहीं भी किताबें पुरी नहीं पहुंची और वितरण भी नहीं हुई।
हिंदी मीडियम में एडमिशन लेने वाले छात्रों की हालत तो कुछ ठीक भी है लेकिन अंग्रेजी मीडियम में प्रवेश लेने वाले छात्र अब तक खाली हाथ हैं। एक भी विषय की किताब नहीं मिली। बिना किताबों के ही छात्र पढ़ रहे हैं। कोर्स पिछड़ रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग की अव्यवस्था ने सरकारी दावों की भी पोल खोल कर रख दी है।
अंग्रेजी माध्यम की देर से आती हैं, इस बार आईं नहीं
पुस्तकों को लेकर सभी के दावे अलग अलग है। पाठ्य पुस्तक निगम के अधिकारी सभी किताबों को जिलों तक पहुंचाने की बात कह रहे हैं। वहीं स्कूलों के प्राचार्य अंग्रेजी माध्यम की एक भी किताबें नहीं आने की बात कह रहा है। वैसे भी हर साल अंग्रेजी माध्यम कि किताबें देरी से ही आती है। इस बार अब तक आईं ही नहीं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में जहां जहां अंग्रेजी माध्यम से पाठ्यक्रम संचालित हो रहा है। वहां के छात्रों को मजबूरी में बाहर से किताबें खरीद कर पढ़ना पढ़ रहा है। एक विषय की भी किताब अब तक नसीब नहीं हो पाई है।
हिंदी मीडियम वाले भी परेशान
नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है। पठन पाठन ने जोर पकड़ लिया है। अप्रैल में ही किताबों का वितरण हो जाना था लेकिन अब तक तक नहीं हो पाया। हाई और हायर सेकण्डरी में हिंदी मीडियम के छात्रों की संख्या ज्यादा है। इसके बाद भी सभी विषयों की किताबें स्कूलों तक नहीं पहुंच पाई हैं। इसके कारण भी छात्रों को पूरी किताबें नहीं मिल पाई हैं। शैक्षणिक सत्र शुरू हुए तीन महीने हो गए हैं। अब तक किताबों का वितरण पूरा नहीं हो पाया है।
प्राचार्यों को किताबों का कराना है वितरण
सभी हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पाठ्य पुस्तक निगम बीईओ को उपलब्ध कराते हैं। प्राचार्यों को ही पुस्तक बीईओ आफिस से उठाना है और स्कूलों में वितरण कराना है। इसके अलावा पुस्तक वितरण करने के बाद आनलाइन फीडिंग भी कराना है। हालांकि रीवा की हालत फीडिंग के मामले में खराब है। यही वजह है कि डीईओ आनलाइन फीडिंग की गति बढ़ाने के लिए स्कूलों में पदस्थ आपरेटरों को नई जिम्मेदारी देने वाले हैं। रीवा में 261 हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलें हैं। 89 आपरेट हैं। सभी को तीन तीन स्कूलों के फीडिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसी फीडिंग के हिसाब से ही वेतन का आहरण भी होगा।
शहडोल से पुस्तक वितरण की जांच करने आज आएगी टीम
रविवार को कमिश्नर लोक शिक्षण संचालनालय ने पुस्तक वितरण को लेकर समीक्षा की थी। समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने पुस्तक वितरण की जानकारी मांगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि रीवा में सभी जगह पुस्तकें पहुंच गई हंै तो इसकी जांच करा लेते हैं। शहडोल के अधिकारियों की एक टीम भी गठित की गई है। सोमवार को टीम रीवा आएगी। करीब 10 विद्यालयों में पुस्तक वितरण की जांच करेगी।
अटैचमेंट खत्म करने का दिया अल्टीमेटम
आयुक्त ने वीसी में सभी डीईओ को कार्यालयों में अटैच शिक्षक और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से मुक्त करने के आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जो जहां पदस्थ है। उन्हें वहीं के लिए मुक्त किया जाए। अब आनलाइन अटेंडेंस से ही उनका वेतरण आहरित किया जाएगा। शतप्रतिशत अटैचमेंट हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
फरवरी, मार्च में सभी जिलों को पुस्तकों का वितरण कर दिया गया था। रीवा और शहडोल संभाग के 37 ब्लाक को पुस्तक यहां से भेजी जाती है। 18 फरवरी से शुरू हो गया था। 1 अप्रैल के पहले 60 से 70 फीसदी पहुंचा दी थी किताबें। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम दोनों की पुस्तकें भेज दी गई हैं। वितरण करना प्राचार्यों का काम है।
प्रवेश तिवारी, डिपो प्रभारी, पाठ्य पुस्तक निगम, रीवा
छात्र जैसे फीस जमा कर देते हैं। एडमिशन हो जाता है तो पुस्तक का वितरण कर देते हैं। अंग्रेजी मीडियम स्कूल में इस साल से शुरू किया गया है। उसकी नहीं आई है। डिमांड लेटर भेजेंगे, तब पुस्तकें आएंगी।
रविकर पाण्डेय, प्राचार्य, शाउमावि क्र 1, रीवा
पुस्तकों का वितरण किया जा रहा है। हिंदी मीडियम की किताबें आई हैं। सभी पुस्तकें नहीं आई हैं। जैसे गणित की किताबें नहीं आई है। दूसरी जो आई हैं, वह भी कम आई है। वितरण किया जा रहा है।
राजेन्द्र मिश्रा, प्राचार्य, गवर्नमेंट स्कूल क्रमांक 2, रीवा
हिंदी मीडियम की किताबें आई हैं। वह भी पूरी नहीं आई हैं। कुछ विषय की ही आई हैं। अंग्रेजी की एक भी नहीं आई है। जो किताबें आई हैं, उनका वितरण किया जा रहा है। अब कौन कौन सी नहीं आई हैं, यह पुस्तक वितरण प्रभारी से जानकारी लेकर ही बता पाएंगे।
जेपी जायसवाल, प्राचार्य, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तण्ड क्रमांक 1, रीवा

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