रीवा में नीट परीक्षा धांधली के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने डिप्टी सीएम आवास घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने बैरीकेटिंग कर रोका, जिसके बाद झड़प हुई और वाटर कैनन व आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
शहर में मंगलवार को भारतीय राष्टÑीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने डिप्टी सीएम के आवास का घेराव करने का प्रयास किया। लेकिन रास्ते में ही पुलिस ने बैरीकेटिंग कर सभी को रोक दिया। इस दौरान पुलिस व एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैरीकेट्स तोड़ने का प्रयास किया। ऐसे में पुलिस को आंशू गैस के गोले छोड़ने पड़े। भीड़ को तितर-बितर करने के लिये वाटर कैनन चलानी पड़ी। दरअसल, नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर एनएसयूआई के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कॉलेज चौराहा से रैली निकाल कर वह डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला के आवास घेराव करने जा रहे थे। लेकिन जॉन टॉवर के सामने ही पुलिस ने बैरीकेटिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरीकेट्स को पार करने की कोशिश कर रहे थे, जिसके चलते पुलिस को वाटर कैनन व आंशू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।
करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ तितर-बितर हुई, तब कहीं जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो, भाजपा सरकार हाय-हाय के नारे भी लगाये। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में भाजपा के ही करीबी लोग शामिल है, जिसके चलते ना तो भाजपा के नेता और ना ही सरकार के मंत्री इस मामले में कुछ भी बोल रहे हैं। आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई इतनी बड़ी घटना के बावजूद भी मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल का छात्रों के पक्ष में अब तक कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। कार्यकर्ताओं ने देश के शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की।
भारी संख्या में तैनात रहा पुलिस बल
एनएसयूआई के प्रदर्शन की जानकारी पुलिस व प्रशासन को पहले से ही थी। ऐसे में पुलिस ने उन्हें रोकने का पूरा इंतेजाम कर रखा था। कॉलेज रोड जॉन टॉवर के पास बैरीकेट्स लगाये गये थे। मौके पर दो फायर ब्रिगेड को भी तैनात किया गया था। इसके अलावा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहर के तमाम थाना प्रभारी अपने बल के साथ मौजूद थे।
ट्रैफिक किया गया डायवर्ट
एनएसयूआई के प्रदर्शन को देखते हुये ट्रैफिक को भी डायवर्ट किया गया था। इसके अलावा आसपास दुकान लगाने वाले लोगों को भी सजग रहने के निर्देश दिये गये थे। पुलिस ने जब आंशू गैस के गोले दागे तो क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने दुकानों का शटर बंद कर दिया था। करीब दो घंटे तक यह मार्ग बंद था। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।


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