रीवा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मामूली हवा चलते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। करोड़ों की लागत से किया गया प्री-मानसून मेंटीनेंस हवा का झोंका भी नहीं झेल पा रहा है। VIP जोन सहित कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल, उपभोक्ता परेशान।

यह कैसा मेंटीनेंस: जो हवा का झोंका तक नहीं झेल पा रहा
रीवा, स्टार समाचार वेब
पिछले कुछ दिनों से बदले मौसम की वजह से बिजली आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। मामूली हवा शुरू होते ही बिजली कंपनी लाइन को तुरंत बंद कर देती है। यह हाल ग्रामीण क्षेत्र ही नहीं बल्कि शहर में भी है। दिन भर में 8 से 10 दफा बिजली कट होती है। कई बार तो एक से डेढ़ घंटे तक बिजली बंद रहती है। जबकि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्री मानसून मेंटीनेंस में करोड़ों रुपये फूक दिये गये हैं, लेकिन यह मेंटीनेंस मामूली हवा का झोका भी नहीं झेल पा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से बादल छाते ही हवाओं का दौर शुरू हो जाता है। इन हवाओं के शुरू होते ही शहर के अधिकांश क्षेत्र की लाइट कंपनी द्वारा बंद कर दी जाती है। बार-बार बिजली आने और जाने के कारण आम लोगों सहित व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि गत दो-तीन दिनों में बिजली कंपनी ने करीब 40 से 50 बार कई घंटों तक लाइट को बंद किया है। गौरतलब है कि ट्रिपिंग के मामले में रीवा प्रदेश भर में अव्वल दर्जे में है। शहर के कई क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां पर घंटों बिजली आपूर्ति ठप रहती है। शिकायत करने पर पता चलता है कि मौसम खराब होने की वजह से फाल्ट आ गया है, जिसे सुधारने का काम चल रहा है। लेकिन यहा बड़ा सवाल यह है कि जब बिजली कंपनी प्री मानसून मेंटीनेंस में हर साल करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाती है तो फाल्ट क्यों हो रहे हैं। लेकिन इस सवाल का जबाव अधिकारियों के पास नहीं है।
वीआईपी जोन में भी जा रही बिजली
जिला प्रशासन द्वारा शहर के सिविल लाइंस, जिला अस्पताल, कलेक्ट्रेट सहित जिला न्यायालय को वीआईपी जोन में रखा गया है। पर यहां पर भी लाइट जाना पिछले दो दिनों से अब आम बात हो गई है। आम लोग विभाग द्वारा दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं तो कर्मचारी बोलता है कि लाइन मैन निकल गए हैं, लेकिन मौके पर कर्मचारी घंटों नहीं पहुंचते। इसके बाद यदि दफ्तर में कॉल किया जाता है, तो वह कर्मचारी टेलीफोन के रिसीवर को फोन से उठाकर नीचे रख देते। इससे वह नंबर होल्ड बताने लगता है।
मेंटीनेंस के नाम पर खानापूर्ति
मानसून के पहले बिजली कंपनी द्वारा सालाना मेंटेनेस कार्य किया जाता है। इस बार भी कंपनी द्वारा मेंटेंनेस के नाम पर खानापूर्ति की गई है। इसमें कंपनी के उपकरण, कुछ ट्रांसफर्मर और तार भी लगा दिया, लेकिन परेशानी हल नहीं हुई है। कंपनी के कर्मचारियों के अलावा हजारों रुपए मेंटेनेस में लेवर पर ही खर्च हो गए है। साथ ही शासन-प्रशासन निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देशों के बाद भी इस समस्या से निजात नहीं मिला। मेंटेंनेस ठीक से न होने की वजह से यह समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली जाने से शहर के आम लोगों, व्यापारियों और सरकारी कार्यालय के कमर्चारियों को अपना काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।


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