रीवा में नीम चौराहा से स्टेडियम तिराहा सड़क निर्माण कार्य दो वर्ष की देरी के बाद शुरू हुआ है। निर्माण एजेंसी, तकनीकी मानकों और कार्य गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
शायद ही किसी सड़क की किस्मत में ऐसा लिखा होता है। आमतौर पर बच्चे दो साल में घुटनों के बल चलना सीख जाते हैं, लेकिन हमारे शहर की एक खास सड़क को कागजों से जमीन पर उतरने में ही पूरे दो साल लग गए। बात हो रही है नीम चौराहा से स्टेडियम तिराहा तक बनने वाली उस सर्वसुविधा युक्त सड़क की, जिसके सुनहरे भविष्य के सपने शहरवासियों को साल 2024 में दिखाए गए थे। आज साल 2026 है। मौसम बदल गए, तारीखें बदल गईं, लेकिन नहीं बदला तो लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक-1 का अपनी पसंदीदा निर्माण कंपनी देवकली इंफ्रा के प्रति अनोखा प्रेम।
जब ब्लैकलिस्टेड कंपनी ने फिर थामी कंक्रीट की कमान
कहते हैं वक्त हर घाव भर देता है और पीडब्ल्यूडी के अफसरों के दिलों में तो ठेकेदारों के लिए वैसे भी बहुत ममता होती है। दो साल पहले 1.77 करोड़ रुपये की लागत से इस वीआईपी व्हाइट टॉप फाइबर मिक्स रोड को बनाने का जिम्मा देवकली इंफ्रा को मिला था। काम दो महीने में पूरा होना था। दो महीने तो छोड़िए, दो साल तक सड़क पर धूल उड़ती रही। इस बीच जब भी जागरूक नागरिकों ने पूछा कि सड़क कब बनेगी, तो अफसरों ने बड़े ही दार्शनिक अंदाज में गोलमोल जवाब दिए। सुगबुगाहट तो यहां तक थी कि कंपनी को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। लेकिन साल 2026 की एक खुशनुमा सुबह शहर ने देखा कि उसी पुराने टेंडर के सहारे वही कंपनी फिर से सड़क पर आकर खड़ी हो गई है। इसे अफसरों की सहमति कहें या कोई जादुई चमत्कार, यह तो पीडब्ल्यूडी के गलियारे ही जानें। विभाग का पक्ष जानने के लिए कार्यपालन यंत्री नितिन पटेल को फोन लगाया परंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
यहां कंपनी के पास नहीं है अपना आॅटोमेटिक प्लांट
टेंडर के कागजों पर बड़े-बड़े और आधुनिक शब्द लिखे थे—सेंसर पेवर मशीन, आरएमसी आॅटोमैटिक प्लांट, ओपीसी 23 ग्रेड सीमेंट और फाइबर मिक्स। इसे पढ़कर लगता था कि शायद जर्मनी या जापान की कोई सड़क हमारे शहर में बनने जा रही है। हकीकत यह है कि न तो ठेकेदार के पास अपना कोई आॅटोमैटिक प्लांट है और न ही वह आधुनिक सेंसर मशीन। सड़क को उसका आकार देने के लिए फ्यूरी मशीन का सहारा लिया जा रहा है। कड़ाके की धूप में शायद यह लीपापोती साफ दिख जाती, इसलिए कंपनी ने काम के लिए रात का शांत माहौल चुना है। जब शहर सो जाता है, तब साधारण फ्यूरी में मसाला गूंथकर सड़क पर बिछा दिया जाता है। रात के अंधेरे में होने वाली इस कारीगरी को देखकर लोग मुस्कुराते हुए पूछ रहे हैं कि यह सड़क बन रही है या कोई राज छुपाया जा रहा है।
15 साल का वादा... निभाएगा कौन
विभाग ने दावा किया है कि इस सड़क की गारंटी पूरे 15 साल की होगी। लेकिन जिस ढर्रे और देसी जुगाड़ से इस वीआईपी सड़क को तैयार किया जा रहा है, उसे देखकर आम जनता हैरान भी है और परेशान भी। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा तमाशा पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से महज 100 मीटर की दूरी पर हो रहा है। साहब लोग रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं। शायद वे यह सोचकर आंखें मूंद लेते हैं कि देर आए, दुरुस्त आए... भले ही काम कितना भी घटिया क्यों न हो। अब देखना यह है कि रात के अंधेरे में बनी यह चमचमाती सड़क 15 साल चलती है या पहली बारिश की बौछार में ही इसकी फाइबर मिक्स खूबसूरती बह जाती है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2-3 अक्टूबर को भोपाल दौरे पर रहेंगे। वे भेल मैदान में गोपालक सम्मेलन, नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी और IISER परिसर का शिलान्यास करेंगे।
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने भोपाल में कोर कमेटी और पदाधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने नेताओं के स्वागत में जेसीबी से फूल बरसाने पर रोक लगाने और 3 महीने के भीतर गुटबाजी खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
मध्यप्रदेश में शिक्षकों का आंदोलन हुआ उग्र। टीईटी अनिवार्यता, ई-अटेंडेंस और वरिष्ठता जैसी 3 सूत्रीय मांगों को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में प्रदर्शन। 2 अक्टूबर को प्रदेशभर में होगा उपवास और सत्याग्रह।
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद पर जमीयत उलमा मप्र के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद हारून ने कोर्ट में तथ्य छिपाने, सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन फीट जमीन के वैकल्पिक उपायों और गिरफ्तारियों पर तीखे सवाल उठाए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास कार्यों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 और 'सेवा संकल्प अभियान' की जानकारी दी।
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामले में आयोग की रिपोर्ट सामने आ गई है। लापरवाही और देरी के कारण 36 से अधिक लोगों की मौत के लिए 8 अधिकारियों को दोषी ठहराया गया है, जबकि जनप्रतिनिधियों को क्लीन चिट मिल गई है।
मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त निर्देश दिए हैं। स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी, हॉट स्पॉट की पहचान और हेल्पलाइन नंबर जैसी अहम जानकारियों के साथ पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव का दौरा किया। उन्होंने कुपोषण और मलेरिया से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह आज बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से प्रभावित बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र का गुरुवार को उत्साहपूर्ण आगाज हुआ। पर्यटन सत्र के पहले दिन ताला, मगधी और खितौली गेट को आकर्षक ढंग से सजाया गया। पार्क प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।