रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने इको वेस्ट से मल्टीलेयर ‘ब्रेव’ बंकर तैयार किया, जो ब्लास्ट और हमलों से सैनिकों की सुरक्षा करेगा। कम लागत और आधुनिक तकनीक से बना यह प्रोजेक्ट खास।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने एक ऐसा बंकर बनाया है, जो ब्लॉस्ट और हमले जैसी परिस्थितियों में जवानों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करेगा। इस बंकर का निर्माण सिविल इंजीनियरिंग फाईनल ईयर के 7 छात्रों ने मिलकर किया है। इसमें करीब चार माह का समय लगा है। इस बंकर को ब्र्रेव (बीआरएव्हीई) नाम दिया गया है। रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों द्वारा तैयार किए गए इस उन्नत नवाचार प्रोजेक्ट (बीआरएव्हीई) ब्लास्ट रेसिस्टेंट आर्मर वाया इको वेस्ट का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरपी तिवारी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. संदीप पांडेय और विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों की उपस्थिति में किया गया। यह प्रोजेक्ट वर्तमान वैश्विक तनाव और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य सीमा पर तैनात सैनिकों को युद्ध और विस्फोट जैसी परिस्थितियों में अधिक सुरक्षा प्रदान करना है। इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि इसमें वेस्ट मटेरियल का उपयोग कर लागत को कम किया गया है और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक को अपनाया गया है।
ऑनियन लेयर थ्योरी पर किया डिजाइन
इस बंकर को "ऑनियन लेयर थ्योरी" यानी प्याज की परतों के सिद्धांत पर डिजाइन किया गया है। इसमें रेत के बैग, क्रम्ब रबर, रिसाइकल वेस्ट, रेत से भरी प्लास्टिक बोतलें और अंदर लेथ मशीन के स्टील चिप्स वेस्ट से बने एम-30 ग्रेड आरसीसी कंक्रीट की दीवार का उपयोग किया गया है। इन सभी परतों के कारण ब्लास्ट से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा और शॉक वेव धीरे-धीरे कम हो जाती है, जिससे बंकर के अंदर मौजूद सैनिक सुरक्षित रह सकते हैं।
इन छात्रों ने किया निर्माण
यह प्रोजेक्ट महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरपी तिवारी के नेतृत्व में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. डीके जैन के निर्देशन और प्रोफेसर रजनीश चतुवेर्दी व प्रोफेसर रजत चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार किया गया। इसे सिविल इंजीनियरिंग विभाग के फाइनल ईयर के छात्र अंश श्रीवास्तव, क्षमा कुशवाहा, अमित पांडे, याचना शुक्ला, सुनिधि सिंह, आंचल मिश्रा और शिवांशी पाण्डेय ने कड़ी मेहनत और लगन से चार महीनों में तैयार किया है।
सिविल इंजीनियरिंग फाईनल ईयर के छात्रों ने मिलकर मल्टीलेयर बंकर तैयार किया है। यह कम लागत और पर्यावरण अनुकूल तकनीक से तैयार किया गया है। मल्टी लेयर बंकर भविष्य में भारतीय सीमा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
-आरपी तिवारी, प्राचार्य, इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा


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