रीवा में यूरिया खाद को लेकर भारी भीड़ और हंगामा। डबल लॉक से 2244 किसानों को वितरण, अभी 1245 एमटी स्टॉक मौजूद। उमरी में किसानों ने सिरमौर-रीवा मार्ग जाम किया। प्रशासन का दावा—पर्याप्त खाद उपलब्ध, जल्द स्थिति सामान्य होगी।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
खाद की मारामारी कम नहीं हो रही है। डबल लॉक में खाद मिलने की जानकारी लगते ही ऐसे भीड़ उमड़ी कि सम्हालना मुश्किल हो गया। करहिया में 10 हजार से अधिक किसान पहुंच गए। रीवा जिला के डबल लॉक में पर्याप्त यूरिया का स्टॉक कराया गया है। समितियों में भी वितरण हो रहा है। सोमवार को सिर्फ डबल लॉक से ही 2244 किसानों को यूरिया का वितरण हुआ। अभी 1245 एमटी यूरिया स्टॉक मे मौजूद है। एक रैक दो दिन बाद फिर रीवा पहुंचने वाली है।
इस बार बारिश अच्छी हुई तो खरीफ का रकबा भी बढ़ गया। किसानों ने पड़ती भूमि नहीं छोड़ी। रकबा बढ़ते ही यूरिया की ऐसी डिमांड हुई कि मारामारी मच गई है। एक महीने से खाद के लिए हायतौबा मचा है। लगातार खाद की रैक मंगाई जा रही लेकिन किसानों की भीड़ कम नहीं हो रही है। पिछले पांच दिनों में ढ़ाई रैक खाद पहुंच चुकी है। सभी समतियों और डबल लॉक में स्टॉक करा दिया गया है। किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए समितियों में शनिवार और रविवार को भी वितरण कराया गया। डबल लॉक में सोमवार से वितरण शुरू हुआ। नगद में खाद लेने वाले किसानों की डबल लॉक में ऐसी भीड़ उमड़ी की सम्हालना मुश्किल हो गया। अतिरिक्त पुलिस बल लगाने पड़े। करहिया में सबसे ज्यादा भीड़ थी। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यहां गेट तक बंद कराना पड़ा। उमरी में किसानों ने फिर हंगामा किया। रीवा सिरमौर मार्ग को किसानों ने जाम कर दिया था। काफी देर तक हंगामा चला। बाद में पुलिस और प्रशासन ने पहुंच कर स्थिति को नियंत्रित किया। देर शाम तक वितरण जारी रहा।
करहिया में सिर्फ पर्ची कट रही, वितरण चोरहटा से हो रहा
इस बार प्रशासन ने करहिया मंडी डबल लॉक में नई व्यवस्था लागू कर दी है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए करहिया से सिर्फ किसानों को पर्ची काट कर दी जा रही है। वहीं खाद का वितरण चोरहटा से किया जा रहा है। इस व्यवस्था से पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली है लेकिन किसानों का खर्चा बढ़ गया है। अभी तक करहिया से ही किसान खाद लेकर चले जाते थे। अब उन्हें अतिरिक्त किराया लगाकर चोरहटा डबल लॉक जाना पड़ रहा है। वहां से खाद उपलब्ध कराई जा रही है। करहिया में खाद वितरण की जानकारी लगते ही यहां एक रात पहले से ही किसानों की भीड़ जुटने लगी थी। कई लोग सुबह पहुंच गए थे। यहां सिर्फ लंबी लाइनें थी। काउंटर संख्या कम होने से कई किसानों को टोकन लेकर वापस लौटना पड़ा। प्रशासन के पास पर्याप्त खाद का स्टॉक है। इसलिए टोकन बांटने मे भी कोताही नहीं की गई।
खाद संकट के विरोध में उमरी मोड़ पर सिरमौर-रीवा मार्ग को किया जाम
मध्य प्रदेश में चल रहे उर्वरक संकट के विरोध में आज छात्र नेता अमन सिंह बघेल के नेतृत्व में किसानों ने उमरी, सिरमौर-रीवा मार्ग पर चक्का जाम कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मुदार्बाद, भाजपा सरकार मुदार्बाद, जिला कलेक्टर मुदार्बाद के नारे लगाते हुए राज्य सरकार से खाद की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे तहसीलदार सिरमौर ने आंदोलनरत किसानों को तत्काल खाद वितरण हेतु 1200 की संख्या में टोकन वितरण कराने का वादा किया। इसके बाद सिरमौर थाना की भारी पुलिस बल के माध्यम से बंद मार्ग को खाली कराया गया। इस दौरान छात्रनेता अमन सिंह बघेल ने कहा कि राज्य में यूरिया खाद की गंभीर कमी से किसान परेशान हैं। रबी की फसल का समय आ गया है, लेकिन खाद नहीं मिल रही। सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और बाद में यातायात सामान्य हो गया।
रीवा में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सभी जगह किसानों को खाद वितरित किया जा रहा है। 5 बोरी तक दी जा रही है। कहीं कोई कमी नहीं है। एक से दो दिन का एडवांस में टोकन का वितरण किया गया है। एक रैक और गुरुवार को पहुंचने वाली है। कुछ दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
डॉ सौरभ सोनवणे, प्रभारी कलेक्टर, रीवा


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।