रेलवे बोर्ड ने सतना समेत 43 स्टेशनों पर नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और डिजिटल एक्सल काउंटर प्रणाली लागू करने हेतु 665.14 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर की है, जिससे रेल सुरक्षा, संचालन क्षमता और ट्रेनों की समयबद्धता में बड़ा सुधार होगा।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
सतना समेत 43 स्टेशनों में अब पुराने सिस्टम के सहारे नहीं, बल्कि हाईटेक तकनीक के दम पर जल्द ही ट्रेनें दौड़ेंगी। रेलवे बोर्ड ने स्टेशनों की सिग्नलिंग व्यवस्था बदलने के लिए 665.14 करोड़ की बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद इटारसी-जबलपुर और जबलपुर-सतना-मानिकपुर जैसे सबसे व्यस्त रेलखंडों पर दशकों पुरानी पैनल इंटरलॉकिंग प्रणाली को हटाकर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर सिस्टम लगाए जाएंगे।
दो चरणों में होगा काम
रेलवे के मुताबिक इटारसी-जबलपुर रेलखंड के 19 स्टेशनों पर 271.31 करोड़ और जबलपुर-मानिकपुर सेक्शन के 24 स्टेशनों पर 393.83 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि रेल सुरक्षा और संचालन में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। नई डिजिटल प्रणाली ट्रेनों की मूवमेंट पर रियल टाइम निगरानी रखेगी और सिग्नलिंग फेल जैसी घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम करेगी।
हाई डेंसिटी एवं सबसे व्यस्त रूट
पश्चिम मध्य रेल के मानिकपुर-सतना-जबलपुर एवं जबलपुर-इटारसी ये दोनों रेलखंड देश के हाई डेंसिटी और सबसे ज्यादा व्यस्त नेटवर्क में शामिल हैं। हर दिन सैकड़ों यात्री ट्रेनें और मालगाड़ियां यहां से गुजरती हैं। बढ़ते दबाव के बीच पुरानी सिग्नलिंग व्यवस्था रेलवे के लिए चुनौती बन रही थी। कई बार तकनीकी गड़बड़ियों के कारण ट्रेनों की रफ्तार प्रभावित होती है और संचालन बाधित। अब रेलवे इस पूरे नेटवर्क को हाईटेक सुरक्षा कवच से लैस करने का प्लान तैयार किया है।
मानवीय त्रुटियों पर लगेगा अंकुश
इन मार्गों पर पहले से ही कवच,आॅटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग तथा सेंट्रलाइज्ड ट्रैफिक कंट्रोल जैसी उन्नत सुरक्षा प्रणालियों के क्रियान्वयन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अब इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम जुड़ने के बाद ट्रेन संचालन पूरी तरह स्मार्ट मॉनिटरिंग के दायरे में आ जाएगा। इससे मानवीय त्रुटियों पर अंकुश लगेगा और हादसों की आशंका भी कम होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि नई सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने के बाद लाइन क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की लेटलतीफी घटेगी और रख-रखाव का खर्च भी कम होगा।
रेलवे बोर्ड ने सतना समेत 43 स्टेशनों में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर सिस्टम के 665.14 करोड़ की बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इससे रेल संचालन और सुरक्षित हो सकेगा।
हर्षित श्रीवास्तव, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे


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