सतना नगर निगम हर माह सफाई कर्मियों के वेतन पर ₹1.63 करोड़ खर्च कर रहा है, फिर भी शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। नालियों की सफाई नहीं, नियमित कचरा कलेक्शन नहीं, पार्षदों की शिकायतें अनसुनी। जानिए पूरी रिपोर्ट।

सतना, स्टार समाचार वेब
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम द्वारा हर माह सफाई शाखा से जुड़े कर्मचारियों के वेतन पर लगभग 1 करोड़ 63 लाख 71 हजार 217 रुपए खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद समूचा शहर गंदगी से पटा पड़ा है। शायद ही शहर का ऐसा कोई वार्ड हो जहां रोजाना साफ-सफाई की जाती हो और कचरा उठाया जाता हो। इस समस्या की ओर नगर निगम के किसी भी जिम्मेदार सख्श द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने की वजह से यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। जगह -जगह लगे कचरे के ढेर नगर निगम के सफाई अभियान की स्वयं पोल खोल रहे हैं। हालात तो यह है कि वार्ड के पार्षदों द्वारा सफाई अभियान को लेकर की जा रही शिकायतों तक को अनसुना कर दिया जाता है। जिस वजह से लगभग हर वार्ड में चारों ओर गंदगी का ढेर लगा हुआ है। जिससे गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। नगर निगम में 45 वार्ड हैं और हर वार्ड पार्षद अपने वार्ड में सफाई कर्मी की कमी का रोना रोता रहता है जबकि निगम की सफाई शाखा में अधिकारी से लेकर सफाई कर्मी तक 935 कर्मचारी पदस्थ हैं, इन्ही पर शहर को चकाचक बनाने की जिम्मेदारी और इनके वेतन पर हर माह लगभग 1 करोड़ 63 लाख 71 हजार 217 खर्च की जा रही है।
हर वार्ड का यही हाल
भारी भरकम सफाई अमला होने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह से चौपट है। चाहे वार्ड किसी माननीय का हो या फिर आम जनमानस का। हर वार्ड में सफाई व्यवस्था एक समान है। रेमकी और नगर निगम के बीच झूलती शहर की सफाई व्यवस्था का आलम यह है कि जगह- जगह पर कचरे के ढेर लगे हैं।
नालियों की भी नहीं होती सफाई
हर तरफ गंदगी फैली हुई है, नालियां जाम हैं जिससे दुर्गंध आती है,नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं होती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। नालियों से आती दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। चारों तरफ व्याप्त गंदगी से घरों से निकलने में दिक्कत हो रही है पर समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालात तो यह हैं कि नालियों की सफाई न होने से नालियों की गंदगी हल्की बारिश में ही घरों में घुस रहा है।
शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। वार्ड से कचरा नहीं उठाया जा रहा है, इस वजह से इस वार्ड में चारो तरफ कचरे का ढेर लगा है। नाली का कचरा नहीं उठने से नाली जाम है। सफाई कर्मी कहने को तो वार्ड में 9 से 10 पदस्थ हैं लेकिन इनमें से आते आधे भी नहीं हैं। शुक्रवार को तो वार्ड में मात्र एक सफाई कर्मी आया था, जिसकी जानकारी मेरे द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई। कचरा कलेक्शन तो मेरे वार्ड में एक दिन छोड़कर हो रहा है।
मीना माधव, पार्षद वार्ड क्र.-1
सफाई के नाम पर मेरे वार्ड के साथ मजाक किया जा रहा है। यहां सफाई के लिए जो कर्मचारी पदस्थ किए गए हैं वे मनमाने तरीके से काम करते हैं। गली-मोहल्लों की सफाई करने की बजाय वो मेन रोड की सफाई में ज्यादा ध्यान देते हैं। वार्ड से नियमित कचरा न उठने की वजह से जगह- जगह कचरे के ढेर लगे हैं। जबकि शहर की सफाई व्यवस्था के लिए भारी भरकम अमला है।
नम्रता सिंह, पार्षद वार्ड क्र.-25
शहर में लगातार हर वार्ड में कचरा उठाने का काम किया जा रहा है। अगर कहीं कोई समस्या है तो उसे दूर कर वार्डों को साफ और स्वच्छ किया जाएगा। शहर में कचरा उठाने की जिम्मेदारी रेमकी की है जिसमें नगर निगम सहयोग करता है। निगम ने कचरा उठाने के लिए रेमकी को 11 वाहन दे रखे हैं।
राजू साकेत, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रक्षाबंधन पर भोपाल और रीवा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 से 31 अगस्त तक विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। साथ ही, रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच लगाए गए हैं। जानिए ट्रेनों का पूरा शेड्यूल, रूट और समय।
भोपाल के बोट क्लब पर राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी 230 विधानसभाओं में स्टेडियम बनाने और खेल बजट बढ़ाने की बात कही।
स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक तथा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत कर सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील के नगरा घाट पर आज यानी रविवार की सुबह चीख-पुकार और दहशत के माहौल के साथ शुरू हुई। चंबल नदी के उफान और तेज बहाव के बीच 150 से अधिक यात्रियों और 50 मोटरसाइकिलों को ले जा रहा एक स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
माधव नेशनल पार्क में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक और खुशखबरी आई है। पन्ना से लाई गई मादा बाघिन एमटी-4 ने शावकों को जन्म दिया है, जिसकी एक शावक के साथ पहली तस्वीर सामने आई है। इस नए मेहमान के आगमन के साथ ही रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर अब 9 हो गया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
भोपाल के कोलार रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कर्मश्री' संस्था द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में 'हर घर तिरंगा' और 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला पारंपरिक एट होम समारोह इस बार मध्यप्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहेगा।