सतना जिला अस्पताल में सीटी स्कैन के लिए अब आभा आईडी अनिवार्य कर दी गई है। नए नियम से गंभीर मरीजों और परिजनों को लंबी लाइन, तकनीकी दिक्कतों व देरी की समस्या झेलनी पड़ेगी।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
स्वास्थ्य विभाग के नए नियमों ने मरीजों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराने आने वाले मरीजों के लिए अब आभा आईडी कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में एक बार फिर गंभीर मरीजों को लाइन में लग कर इंतजार करना पड़ेगा। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में अभी पैथालॉजी जांच के लिए मरीजों को आभा आईडी बनवाना पड़ती थी। आभा आईडी पंजीयन के बाद ही मरीजों का खून, यूरिन व अन्य की जांच की जाती थी।
... और बढ़ेगी परेशानी
नए नियम के बाद उन मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा जिनके पास यह कार्ड नहीं है या जिनके आधार कार्ड से मोबाइल नम्बर लिंक नहीं है। नियम के फेर में पड़कर जांच में आने वाले गंभीर मरीजों की स्थिति और बिगड़ सकती है। आपको बता दें कि जब से जिला अस्पताल में खून जांच के लिए आभा आईडी अनिवार्य की गई है मरीज के परिजन साथ में मरीज भी घंटो-घंटों लाइन में खड़े होकर अपने नम्बर का इंतजार करते परेशान नजर आते हैं। ऐसे में अब सीटी स्कैन में आने वाले गंभीर मरीजों का क्या होगा?
दूर की गई तकनीकी खामियां मरीजों की हुई जांच
जिला अस्पताल परिसर में स्थापित आउटसोर्स एंजेंसी सिद्धार्थ सीटी स्कैन के संस्थापक शंकर तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को सीटी स्कैन यूनिट सुबह से ही शुरू कर दी गई थी। मरीजों की जांच भी की गई है। उन्होंने बताया कि आॅनलाइन कम्पलेन के बाद इंजीनियर द्वारा मशीन को आॅनलाइन ही सुधारा गया। हालांकि इंजीनियर द्वारा एक बार फिर जिला अस्पताल में आकर मशीन की जांच की जाएगी। गौरतलब है कि गुरुवार की सुबह से सीटी स्कैन मशीन बंद हो गई थी जिसके लिए शिकायत की गई थी।
सीटी स्कैन कराने वाले मरीजों को आभा आईडी बनवाना जरूरी है, इसके लिए मोबाइल नम्बर और आधार कार्ड अनिवार्य है। हालांकि कुछ गंभीर केसों में जिनके पास आभा आईडी नहीं है उनको चिकित्सक के मार्क पर सीटी स्केन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सीटी स्कै न कराने वाले मरीजों की आभा आईडी सीटी स्कै न यूनिट के कर्मी द्वारा ही बनाई जाएगी।
डॉ. शरद दुबे, आरएमओ जिला अस्पताल


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