सतना जिला अस्पताल में 400 बिस्तरों पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है। नर्सिंग स्टाफ की कमी, छुट्टियां और उच्च शिक्षा के लिए अवकाश से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
मेडिकल कॉलेज आने के बाद जिला अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या में तो इजाफा हुआ है लेकिन नर्सिंग स्टाफ की संख्या दिन-ब- दिन घटती जा रही है, जिसका परिणाम यह हो रहा है कि लगभग 400 बिस्तर अस्पताल एक बार फिर मरीजों से ओवरलोड हो गया है। वर्तमान में 14 नर्सिंग आॅफीसरों ने अग्रिम पढाई के लिए प्रबंधन को रिलीविंग लेटर भी लिखा है। नर्सिंग स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को मिलने वाली चिकित्सकीय सुविधा में जहां गुणवत्ता की कमी नजर आ रही है वहीं अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ वर्क लोड के शिकार हो रहा है। अस्पताल प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार बड़ी संख्या में नर्सिंग आॅफीसर उच्च शिक्षा के लिए अवकाश ले रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में मरीजों की देखभाल पर असर पड़ सकता है। रिकार्ड के अनुसार अस्पताल में स्वीकृत 185 पदों के मुकाबले फिलहाल 182 नर्सिंग आॅफीसर कार्यरत हैं, लेकिन वास्तविक उपलब्धता इससे काफी कम है। वर्तमान में करीब 168 नर्सिंग आॅफीसर ही तीनों शिफ्ट में ड्यूटी कर रही हैं। मैट्रन के मुताबिक सीनियर नर्सिंग आॅफीसर भी नौकरी छोड़कर आगे की पढ़ाई के लिए जा रही हैं। जिला अस्पताल में कार्यरत 14 नर्सिंग आॅफीसरों ने अग्रिम पढ़ाई के लिए रिलीविंग लेटर दे दिया है।
सेवाओं पर असर की आशंका
नर्सिंग स्टाफ की लगातार घटती संख्या के चलते तीनों शिफ्ट में कार्यरत स्टाफ पर दबाव बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में आए दिन 10 की संख्या में अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ छुटटी में बना रहता है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण एक-एक नर्स पर कई मरीजों की जिम्मेदारी आ रही है, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। बताया गया कि जिला अस्पताल में रोजाना 1200 से अधिक मरीज ओपीडी में पंजीयन कर अपना इलाज कराने पहुंचते हैं जबकि सैकड़ों मरीजों को गंभीर होेने के चलते वार्ड में भर्ती होने की सलाह दी जाती है। ऐसे में इतनी संख्या में भर्ती मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मिल पाना बड़ा मुश्किल है।
प्रबंधन पर बढ़ा दबाव
अस्पताल प्रबंधन के सामने अब बड़ी चुनौती स्टाफ की कमी को संतुलित करना है। यदि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था या नई भर्तियां नहीं हुईं, तो आने वाले समय में जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावित हो सकती हैं। अस्पताल के अन्य नर्सिंग पदों की स्थिति भी चिंताजनक है। सीनियर नर्सिंग आॅफिसर के 14 पदों में से केवल 1 कार्यरत है, जबकि 13 पद खाली हैं। मेट्रॉन के 7 पद पूरी तरह रिक्त हैं। मेल स्टाफ नर्स के 18 पदों में से 8 ही कार्यरत हैं।
185 पद नर्सिंग आॅफीसर के स्वीकृत
इन्होंने लिया लीव

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर नगर निगम के 103.42 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बिल घोटाले में विशेष पीएमएलए अदालत में 32 आरोपियों के खिलाफ 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों की व्यवस्थाओं में राज्य सरकार ने कुछ बड़े बदलाव किए हैं। मंडी में अब एक रजिस्टर्ड व्यापारी को एक ही दुकान आवंटित की जाएगी। राज्य सरकार ने पहली बार प्रदेश की मंडियों के लिए यह व्यवस्था लागू की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी सोमवार को 12 बजे खंडवा पहुंचे। यहां नई कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में शामिल हुए। साथ ही इस अवसर पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के खाते में 3300 करोड रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर किसानों से संवाद किया।
भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान के केस में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट 7 अगस्त को इस हाई-प्रोफाइल केस पर सुनवाई करने जा रहा है।
मध्यप्रदेश सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 35 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरे प्रदेश में जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सभी जल स्रोतों की जियो टैगिंग की जाएगी ताकि उनकी लोकेशन और स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रहे।
मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के तहत खंडवा में आयोजित किए जा रहे बलराम कृषि महोत्सव में सोमवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शामिल होंगे। पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसानों से वर्चुअल संवाद प्रस्तावित था, लेकिन अब वे स्वयं सोमवार को खंडवा पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होंगे ।
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 तस्करों को रंगे हाथों दबोचा और करोड़ों के माल के साथ केमिकल जब्त किए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, हाईटेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा के तहत सोमवार से शहर में यात्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू होने जा रहा है।
दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह