सतना जिला अस्पताल में तीन वर्षों से सर्विसिंग नहीं होने पर दोनों पीएसए ऑक्सीजन प्लांट बंद कर दिए गए। फिलहाल एलएमओ प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई जारी है, लेकिन तकनीकी खराबी की स्थिति में मरीजों पर संकट गहरा सकता है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल में स्थापित दोनों पीएसए ऑक्सीजन प्लांटों को अंतत: बंद कर दिया गया है। अस्पताल के वार्डों में एलएमओ प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। पीएसए प्लांटों की रुटीन सर्विस न होने के चलते यह समस्या खड़ी हुई है। हालांकि एलएमओ प्लांट से सेंट्रल आॅक्सीजन सप्लाई की जा रही है लेकिन अगर किसी दिन तकनीकी खामियों के चलते एलएमओ प्लांट बंद होता है तो जिला अस्पताल के मरीजों के सामने ऑक्सीजन का संकट छा सकता है। बताया गया कि प्लांटों की सर्विसिंग तीन साल से पेंडिंग पड़ी है। प्लांट वार्निंग दे रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन बजट के लिए रो रहा है, बजट के अभाव के चलते प्लांटों की सर्विंसिंग नही हुई और अब उन्हें मजबूरन बंद करना पड़ा। प्रबंधन द्वारा भोपाल स्थित कार्यालय को बार-बार पत्राचार किया गया जिसके बाद बजट तो मिला लेकिन सर्विसिंग के हिसाब से कम था। नए सिरे से बजट रिलीज करने का आश्वासन दिया गया। हालांकि राहत भरी बात यह है कि जिला अस्पताल परिसर में एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) प्लांट स्थापित है, जिसकी क्षमता पर मिनट 6 हजार किलो लीटर है। इस प्लांट से ही सप्लाई हो रही है।
पीएम केयर से लगे थे प्लांट
कोविड कॉल के दौरान सितम्बर 2021 में दोनों पीएसए ऑक्सीजन प्लांटों की स्थापना की गई थी। दोनों पीएसए प्लांटों की क्षमता 1-1 हजार लीटर प्रति मिनट है। इसे एलएनटी कम्पनी द्वारा स्थापित किया गया था। प्लांट स्थापना के बाद 18 माह तक वारंटी पीरियड था जिसमें समय-समय पर रुटीन सर्विंसिंग की गई थी। वारंटी खत्म होने के बाद रुटीन सर्विंसिंग की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। हालांकि हाल ही में दोनों प्लांटों में कुछ तकनीकी खामियां आई थीं जिन्हें लोकल स्तर पर ही सुधार लिया गया था।
200 बिस्तरों में होती है सप्लाई
प्रबंधन ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट की सर्विंसिंग में लगभग साढे 6 लाख के बजट की आवश्यकता है। अस्पताल प्रबंधन के पास कुछ बजट उपलब्ध है, कुछ अन्य कार्यों में लगा दिया गया है फिर भी बड़ी मात्रा में बजट की आवश्यकता है जिसके लिए संचालनालय चिकित्सा विभाग को डिमांड भेजा गया है। नियमत: 6 माह में प्लांटों की रुटीन सर्विसिंग होनी चाहिए, ऐसा होेने से ऑक्सीजन की शुद्धता बेहतर मिलती है। वहीं प्लांटों का रख-रखाव भी बेहतर तरीके से होता है। जिला अस्पताल परिसर में 200 से ज्यादा बिस्तरों में सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन के जरिए ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है।
लम्बे समय से सर्विसिंग नहीं होेने से प्लांट वार्निंग देने लगे थे, प्लांटों में तकनीकी समस्याएं आने लगी थीं, लिहाजा संचालन बंद कर दिया गया है। एलएमओ प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। बजट मिलते ही सर्विसिंग का कार्य शुरू किया जाएगा।
डॉ. धीरेन्द्र वर्मा, सहायक प्रबंधक जिला अस्पताल
तीन प्लांट जिला अस्पताल में स्थापित
01 एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन)
06 किलो लीटर की क्षमता
इससे जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही
इसमें जबलपुर से लिक्विड मटेरियल आता है
जिसे टैंक में डालकर वैपराइजेशन कर ऑक्सीजन में कन्वर्ट कर मरीजों तक पहुंचाया जाता है
02 पीएसए (प्रेशर स्विंग एडसोर्प्शन)
1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता
पीएम केयर फण्ड से स्थापना
ये बाहरी वातावरण से ऑक्सीजन बनाता है
कब स्वीकृत हुए थे
पहला पीएसए प्लांट 25 मई 2021 को
दूसरा पीएसए प्लांट 29 जून 2021 को
16 अगस्त 2021 और 18 अगस्त 2021 में जिला अस्पताल में पहुंचे थे
ऑक्सीजन की प्योरिटी जांची जाती हैै
तीनों प्लांट वर्तमान में रनिंग में है


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