सतना और मैहर जिले में 3600 एकड़ जमीन डालमिया सीमेंट को लीज पर देने के विरोध में किसानों ने ट्रैक्टर रैली और महापंचायत की। किसानों ने कहा सहमति के बिना एक इंच जमीन नहीं देंगे।
By: Yogesh Patel
Mar 11, 20264:01 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
रामपुर बघेलान और अमरपाटन क्षेत्र की हजारों एकड़ कृषि भूमि को निजी सीमेंट कंपनी डालमिया को 40 वर्ष की लीज पर देने की प्रक्रिया के विरोध में मंगलवार को किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के बैनर तले सैकड़ों ट्रैक्टरों और हजारों किसानों का काफिला हवाई पट्टी से निकलकर कलेक्ट्रेट धवारी पहुंचा, जहां धरना-प्रदर्शन और सत्याग्रह के साथ किसान महापंचायत आयोजित की गई। किसानों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि किराये की तर्ज पर जमीन लेने की प्रक्रिया स्वीकार नहीं है और किसानों की सहमति के बिना एक इंच भी जमीन उद्योग को नहीं दी जाएगी। यह पूरा विवाद रामपुर तहसील के पगरा, झिरिया, जमुना, बैरिहा, पटरहाई, जनार्दनपुर तथा मैहर जिले की अमरपाटन तहसील के बिगौड़ी, सन्नेही और शिगटी गांवों की करीब 3600 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि से जुड़ा है, जिसे डालमिया सीमेंट भारत को लगभग 40 वर्ष की लीज पर देने की प्रक्रिया चल रही है। किसानों का कहना है कि इससे हजारों परिवारों की आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो जाएगा।
किसानों के अधिकार से समझौता स्वीकार्य नहीं
मुख्य अतिथि राजेश सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के हक, अधिकार और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि प्रशासन और उद्योगपति किसानों की सहमति के बिना जमीन लेने का प्रयास करेंगे तो भारतीय किसान यूनियन इसका पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि डालमिया सीमेंट को किसानों की अनुमति के बिना एक इंच भी जमीन नहीं लेने दी जाएगी।
भू-अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजे की मांग
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि यदि कंपनी को जमीन चाहिए तो उसे किसानों से सीधे संवाद करना होगा और भू-अधिग्रहण कानून 2013 के तहत बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा, प्रभावित परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा अन्य सुविधाएं देनी होंगी। प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन ने हमेशा किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ेगी। उन्होंने मैहर स्थित के.जे.एस. सीमेंट का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय किसानों को 3 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जा रहा था, लेकिन आंदोलन के बाद उसे बढ़ाकर 16 लाख रुपये तक दिलवाया गया।
हवाई पट्टी से कलेक्ट्रेट तक ट्रैक्टर रैली, रेलवे ग्राउंड मे ही रोका
दोपहर 1 बजे हवाई पट्टी से किसानों का काफिला ट्रैक्टरों के साथ रवाना हुआ। शहर की सड़कों से गुजरते हुए यह रैली कलेक्ट्रेट धवारी पहुंची, लेकिन इन ट्रेक्टर्स को रेलवे ग्राउंड मे हीं प्रसाशन ने खड़ा करा दिया। धवारी ग्राउंड में धरना-प्रदर्शन और महापंचायत के जरिए किसानों ने अपना आक्रोश व्यक्त किया। महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, राष्ट्रीय सचिव चौधरी उमेन्द्र सिंह, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह ने की और अंत में आभार प्रदर्शन जिलाध्यक्ष इन्द्रजीत पाठक ने किया। सभा में द्वारिका प्रसाद तिवारी, दिलीप सिंह, मुकेश कुशवाहा, सुधीर सिंह, अभिताभ तिवारी, आर.के. पटेल, संतोष सिंह, जितेन्द्र सिंह और के.डी. सिंह सहित अनेक वक्ताओं ने शासन-प्रशासन पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया और मांग की कि भूमि लीज की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए।
प्रशासन को सौंपा तीन सूत्रीय ज्ञापन
महापंचायत के बाद शाम करीब 4 बजे किसानों ने एडीएम विकास सिंह और एसडीएम को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और भूमि लीज प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। प्रशासन की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया कि 12 मार्च को जिला प्रशासन और भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता कर इस पूरे मामले पर समाधान तलाशने की कोशिश की जाएगी। इस दौरान चिंतामणि कुशवाहा, संतोष सिंह, रामलहोर गौतम, रामकलेश सिंह, उमेश सिंह, सुधीर सिंह, नागेंद्र सिंह, इन्द्रभान सिंह, सुरेन्द्र सिंह, अशोक सिंह, गंगा पटेल, सुखदेव सिंह, रामकृष्ण पांडेय, रामप्रसाद भगत सहित हजारों किसान शामिल हुए। किसानों ने साफ संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल सतना और मैहर जिले में किसानों की जमीन को लीज पर देने के मुद्दे पर संघर्ष की लकीर और गहरी होती दिख रही है।