सतना के निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से युवक की मौत का आरोप लगा है। गलत जगह कट लगाने से हालत बिगड़ी, परिजनों ने प्रदर्शन कर डॉक्टरों और प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
शहर के निजी अस्पताल पाठक हॉस्पिटल में किडनी में पथरी के ऑपरेशन के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी माया रजक ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला को लिखित शिकायत देकर डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि आॅपरेशन के दौरान उसके पुत्र रवि रजक के पेट में गलत जगह कट लगाने और टांका बांधने से मरीज की हालत बिगड़ गई, जिससे उसे गंभीर स्थिति में रीवा रेफर करना पड़ा जहां उपचार के दरमियान रवि की मौत हो गई। परिजनों ने पाठक नर्सिंग होम्स के सामने शव को रखकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। घटना के सम्बंध में जब सुपर स्पेशलटी स्टार अस्पताल के संचालक योगेश शर्मा से बात की गई तो उन्होने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
8 जनवरी को ऑपरेशन, दो दिन बाद छुट्टी
परिजन 6 जनवरी 2026 को मरीज को लेकर उक्त अस्पताल पहुंचे, जहां जांच के बाद किडनी में इंफेक्शन होने और पानी भरने की बात कही गई। 8 जनवरी को भर्ती कर ऑपरेशन किया गया और डीजे स्टेंट डाला गया। दो दिन इलाज के बाद मरीज को यह कहकर छुट्टी दे दी गई कि 20-22 दिन बाद दोबारा दिखाना होगा।
रिपोर्ट में सामने आई गंभीर स्थिति
निर्धारित समय पर परिजन मरीज को लेकर जबलपुर में सीटी स्कैन सहित अन्य जांच कराकर रिपोर्ट लेकर फिर सतना पहुंचे। आरोप है कि रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने बताया कि दाहिनी किडनी खराब हो चुकी है, जबकि बाईं किडनी 90 प्रतिशत तक काम कर रही है।
रीवा में खुली लापरवाही की पोल
गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने मरीज को रीवा रेफर कर दिया। वहां सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि पहले किए गए ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई है, जिसके कारण खून का थक्का बन गया और दूसरी किडनी भी प्रभावित हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सतना के अस्पताल में उन्हें किसी प्रकार की जांच रिपोर्ट नहीं दी गई और आयुष्मान कार्ड से संबंधित प्रक्रिया में भी अनावश्यक देरी की गई, जिससे इलाज में समय नष्ट हुआ।
सीएमएचओ से की कार्रवाई की मांग
पीड़िता ने सीएमएचओ को दिए आवेदन में डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, डॉ. राजीव सिंह पाठक व संबंधित अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अब तक हुए इलाज के खर्च की भरपाई और भविष्य में होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई है। शिकायत में महिला ने बताया कि उनके पति का पहले ही निधन हो चुका है और परिवार में एक पुत्र व एक पुत्री है। ऐसे में बेटे की गंभीर स्थिति से परिवार पर आर्थिक व मानसिक संकट गहरा गया है।
शिकायत के अनुसार महिला ने अपने पुत्र रवि रजक की तबीयत खराब होने पर पहले स्थानीय चिकित्सक डॉ. हिमांशु गुप्ता को दिखाया। सोनोग्राफी के बाद डॉक्टर ने किडनी में पथरी की समस्या बताते हुए उसे सतना के सुपर स्पेशियलिटी स्टार हॉस्पिटल में डॉ. पुष्पेंद्र सिंह को दिखाने की सलाह दी।
इसके बाद फिर से ऑपरेशन की बात कही गई और आयुष्मान कार्ड होने पर फ्री ऑपरेशन करने के लिए पाठक नर्सिंग हॉस्पिटल बुलाया गया। परिजनों का आरोप है कि वहां भी 10-15 दिन बाद आने को कहकर टाल दिया गया। बाद में 2 अप्रैल को फिर बुलाकर 6 अप्रैल को आॅपरेशन तय किया गया। 6 अप्रैल को मरीज को अस्पताल में भर्ती कर फिर आॅपरेशन किया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गलत जगह कट लगाकर टांका बांध दिया गया, जिससे ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो गई।


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