सतना मेडिकल कॉलेज में पांच महीनों से जल संकट बना हुआ है। छात्रों के विरोध के बाद प्रबंधन ने टैंकर और मोटर से अस्थायी राहत दी, जबकि पाइपलाइन सुधार के लिए दस दिन का आश्वासन मिला है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
करोड़ों की लागत से बने शासकीय मेडिकल कॉलेज में जल संकट अभी भी बरकरार है। सोमवार की देर रात हुए छात्रों व चिकित्सकों के प्रदर्शन के बाद मंगलवार को प्रबंधन द्वारा आपातकालीन व्यवस्थाएं बनाई गर्इं। टैंकरों से पानी मंगवा कर टंकियों में डलवाया गया वहीं टिल्लू मोटर पम्प लगाकर बिल्डिंगों में चढ़ाया गया।
विगत पांच माह से यह स्थिति बरकरार है, लेकिन प्रबंधन व जिला प्रशासन इस ओर अनदेखी कर रहा है। जहां हजारों छात्र चिकित्सकीय पढ़ाई करने दूर दराज क्षेत्रों से आकर रह रहे हैं, उन्हें मजबूर होकर रात-रात भर पानी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार प्रबंधन द्वारा पीआईयू से बात की गई है जिस पर जल्द स्थाई रूप से सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
इंजीनियर ने कहा दस दिन में होगा सुधार
सूत्रों की मानें तो पीआईयू की इंजीनियर ने दस दिन में मेडिकल कॉलेज की क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को सुधार के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि संविदाकार को मेडिकल कॉलेज के रिनोवेशन कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही कार्य शुरू होगा, इस बार परिसर के अंदर की पूरी पाइप लाइन को डिसमेंटल कर नई डाली जाएगी।
तीन साल में ही जर्जर हो गई पाइप लाइन
मेडिकल कॉलेज को बने महज तीन साल ही हुए हैं और यहां सारी सुविधाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। पीने के पानी के लिए गुणवत्ताविहीन डाली गई सप्लाई पाइप लाइन आए दिन टूट रही है, पांच माह से ज्यादा समय से 10 से अधिक लिफ्ट बंद पड़ी हुई हैं। सुधार के नाम पर पूरा कैम्पस खुदा पड़ा हुआ है। वाटर कूलर एवं अन्य सुविधाएं भी धड़ाम हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या 500 करोड़ से अधिक की लागत से बना मेडिकल कॉलेज भृष्टाचार की भेंट चढ़ गया है?
मंगाए गए दो से अधिक टैंकर
जानकारी के अनुसार मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में छात्रों और स्टाफ के लिए दो से अधिक टैंकरों से पानी बुलवाया गया जिसे परिसर में नीचे बनी टंकियों में डाला गया। सबसे पहले मोटर की सहायता से यूजी- पीजी छात्रों के कैम्पस वाली बिल्डिंग में पानी चढ़ाया गया। इसके बाद रेजीडेंट डाक्टरों को पानी की सुविधाएं दी गई।
आपातकालीन व्यवस्था के तौर पर टैंकर मंगवाए गए हैं, कुछ कैम्पसों में जहां पानी की अधिक आवश्यकता है वहां मोटर लगाकर चढ़ाया जा रहा है। पीआईयू इंजीनियर ने दस दिन बाद सुधार कार्य कराने को कहा है। जहां तक बात लिफ्ट की है तो इस पर बजट आते ही पीडब्ल्यूडी मेंटीनेंस कार्र शुरू करेगा।
डॉ. एसपी गर्ग, मेडिकल कॉलेज डीन


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