सतना में एनएचएम संविदा कर्मियों के 6 करोड़ रुपए ईपीएफ जमा न होने के मामले में प्रशासकीय अधिकारी शावेंद्र सिंह को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। सात दिन में जवाब नहीं देने पर कार्रवाई होगी।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने जिले के संविदा अधिकारियों- कर्मचारियों के ईपीएफ अंशदान जमा नहीं होने के मामले को गंभीरता से लिया है। प्रारम्भिक जांच के आधार पर एनएचएम के अपर मिशन संचालक दिशा प्रणय नागवंशी द्वारा सीएमएचओ कार्यालय के प्रशासकीय अधिकारी शावेन्द्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी की गई है जिन्हें सात दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। जवाब समय पर व संतोषजनक नहीं मिलने पर प्रशासकीय अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अपर मिशन संचालक ने कहा कि एसएनए स्पर्श प्रणाली लागू होने के बाद ईपीएफ, टीडीएस तथा जीएसटी जैसे भुगतानों की जिम्मेदारी जिला स्तर पर क्रिएटर अधिकारी की है। वर्तमान में इन प्रणालियों के क्रिएटर शावेन्द्र सिंह प्रशासकीय अधिकारी हैं जिनके द्वारा कई भुगतान और रिटर्न समय पर दाखिल नहीं किए गए हैं।
पहले बनी जांच समिति की रिपोर्ट भी नहीं भेजी
बताया गया कि तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी द्वारा 13 नवम्बर 2025 को ईपीएफ संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था जिसमें प्रशासकीय अधिकारी शावेन्द्र सिंह भी शामिल थे। इन्हें ही जांच का जिम्मा दिया गया था। जांच में क्या निष्कर्ष निकला इसकी रिपोर्ट भी और जांच प्रतिवेदन भी राज्य स्तरीय जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया।
सात दिन में जवाब नहीं तो कार्रवाई
अपर मिशन संचालक ने स्पष्ट किया है कि सभी बिंदुओं पर सात दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करना अनिवार्य है, सभी मामलों में प्रशासकीय अधिकारी की लापरवाहियां सामने आईं हैं। समय सीमा में जवाब न मिलने पर शावेन्द्र सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीएमएचओ कार्यालय की बागडोर शावेंद्र सिंह के हाथ
नवागत सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला के आने के बाद सीएमएचओ कार्यालय की बागडोर प्रशासनिक अधिकारी शावेंद्र सिंह को सौंप दी गई है। इनकी सहमति के बाद ही किसी कार्य को आगे बढ़ाया जाता है। जांच और सत्यापन की फाइलें पहले इनके पास आती हैं, फिर सीएमएचओ के पास जाती हैं। सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के मानदेय भुगतान सत्यापन की जिम्मेदारी भी इन्हे ही सौंप दी गई है। ईपीएफ, टीडीस जीएसटी एवं प्रोत्साहन राशि संबंधित मामलों की फाइलें भी इन्ही के पास थी। सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक अधिकारी द्वारा ही फाइलों को समय पर भुगतान के लिए नहीं भेजा गया, जिसका परिणाम यह है कि ईपीएफ कि राशि बढ़ते-बढ़ते 6 करोड़ पहुंच गई। अभी ऐसे ही कई मामले हैं।
जांच दल ने 30 अपै्रल को किया था निरीक्षण
जानकारी के अनुसार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्यप्रदेश ग्वालियर के पत्र के आधार पर राज्य कार्यालय एनएचएम ने तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था जिसे जांच के लिए सतना जिला भेजा गया था। जांच दल ने 30 अपै्रल 2026 को सतना पहुंचकर जिला लेखा प्रबंधक (डैम) कार्यालय में रिकार्डों की जांच की थी। गौरतलब है कि जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 347 संविदा कर्मियों का 6 करोड़ का पीएफ उनके ईपीएफ खाते में नहीं डाला गया है। इसकी जांच करने उपसंचालक वित्त मुमल बोहत, राज्य लेखा प्रबंधक मनोज राजपूत एवं राज्य सलाहकार नीरज श्रीवास्तव सतना आए थे।


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