सतना जिले में मई 2026 के दौरान पीडीएस वितरण का औसत 93.64 प्रतिशत रहा। करीब 17,715 पात्र राशन कार्डधारक खाद्यान्न नहीं ले सके, जबकि पोर्टेबिलिटी सुविधा से हजारों हितग्राहियों को लाभ मिला।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मई 2026 में खाद्यान्न वितरण का औसत प्रतिशत 93.64 रहा। आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 2 लाख 78 हजार 649 राशन कार्ड पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 2 लाख 60 हजार 934 कार्डधारकों ने ही निर्धारित अवधि में राशन प्राप्त किया। इसका मतलब है कि करीब 17 हजार 715 पात्र हितग्राही किसी न किसी कारण से खाद्यान्न उठाव से वंचित रह गए।
खाद्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि मई माह में जिलेभर में 5 लाख 23 हजार 967 ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए। इनमें 41 हजार 462 ओटीपी आधारित और 44 हजार 602 पोर्टेबिलिटी ट्रांजेक्शन शामिल हैं। जिले में आंशिक आॅफलाइन वितरण के 1 हजार 240 मामले भी दर्ज किए गए जो पूरी तरह जनपद पंचायत उचेहरा क्षेत्र से संबंधित हैं।
मझगवां में सबसे अधिक कार्डधारकों ने नहीं लिया राशन
वितरण प्रतिशत के लिहाज से सबसे बड़ा अंतर जनपद पंचायत मझगवां में देखने को मिला। यहां 54 हजार 544 राशन कार्डों के मुकाबले 48 हजार 265 कार्डों पर ही खाद्यान्न का वितरण हुआ। यानी 6 हजार 279 कार्डधारक राशन लेने नहीं पहुंचे। इसी प्रकार जनपद पंचायत सोहावल में 44 हजार 283 कार्डों के मुकाबले 40 हजार 167 कार्डों पर वितरण हुआ, जिससे 4 हजार से अधिक हितग्राही छूट गए। उचेहरा में 37 हजार 196 कार्डों में से 34 हजार 91 कार्डधारकों ने राशन लिया जबकि करीब 3 हजार परिवार वितरण सूची से बाहर रहे।
रामपुर बघेलान नगर परिषद सबसे पीछे
शहरी निकायों में नगर परिषद रामपुर बघेलान का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। यहां कुल 1 हजार 868 राशन कार्डों में से केवल 1 हजार 600 पर खाद्यान्न वितरण हुआ और उपलब्धता प्रतिशत 85.65 दर्ज किया गया, जो जिले में सबसे कम है। इसके अलावा जनपद पंचायत मझगवां में उपलब्धता 88.48 प्रतिशत और सोहावल में 90.70 प्रतिशत रही। विशेषज्ञों का मानना है कि मजदूरी और रोजगार के लिए पलायन, आधार प्रमाणीकरण की दिक्कतें तथा हितग्राहियों की उदासीनता भी कम वितरण प्रतिशत की वजह हो सकती हैं।
पोर्टेबिलिटी ने बढ़ाया वितरण का दायरा
वन नेशन-वन राशन कार्ड योजना का असर जिले में साफ दिखाई दे रहा है। मई माह में 44 हजार 602 हितग्राहियों ने अपने गृह क्षेत्र से अलग किसी अन्य उचित मूल्य दुकान से राशन प्राप्त किया। नगर निगम सतना में सबसे अधिक 16 हजार 797 पोर्टेबिलिटी ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए। जानकारों की माने तो पोर्टेबिलिटी सुविधा मजदूरों, नौकरी पेशा लोगों और अस्थायी रूप से दूसरे क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।
तीन क्षेत्रों में 100 प्रतिशत से ज्यादा उपलब्धता
जिले के तीन क्षेत्रों में वितरण प्रतिशत 100 से अधिक दर्ज किया गया। नगर निगम सतना में 108.53 प्रतिशत, नगर परिषद जैतवारा में 107.62 प्रतिशत और बिरसिंहपुर में 101.88 प्रतिशत उपलब्धता रही। यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि अन्य क्षेत्रों के कार्डधारकों ने यहां की दुकानों से राशन प्राप्त किया।
चित्रकूट में एक दिन में 307 ट्रांजेक्शन
31 मई को हुई दैनिक गतिविधियों में जनपद पंचायत मझगवां में सबसे अधिक 1,477 ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए, वहीं चित्रकूट नगर परिषद में 307 ट्रांजेक्शन हुए, जो उसके आकार के हिसाब से उल्लेखनीय माने जा रहे हैं।
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