सतना और मैहर जिले में पावर ग्रिड और टावर कंपनियों द्वारा जमीन लिए जाने के बावजूद हजारों किसानों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिल पाया है। किसानों ने भूख हड़ताल, अनशन, प्रदर्शन और 700 किलोमीटर पदयात्रा तक की, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अब तक न्याय नहीं मिला। अब किसानों ने खेत में खड़ी फसलें नष्ट करने की धमकी के खिलाफ कलेक्टर से गुहार लगाई है। पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
सतना व मैहर जिले से गुजरने वाले टावरों को अपनी जमीन देने वाले हजारो किसानों को अब तक न्याय नहीं मिल सका है। इसके लिए किसानों ने टावर पर चढ़कर कई दिनों तक आंदोलन किया, भूखहड़ताल व आमरण अनशन किया और लगभग 7 सौ किमी की पदयात्रा भी की । इसके अलावा हर अधिकारी व जनप्रतिनिधियों की ड्योढ़ी पर गुहार भी लगाई लेकिन न तो उनकी तकलीफें कम करने में प्रशासन ने रूचि दिखाई और न ही उनका हक दिलाने के लिए कोई कदम उठाए। उधर टावर कंपनियां छल और बल दोनो का इस्तेमाल करते हुए किसानों को बीते 15 सालों से आंदोलन के लिए मजबूर करती रहीं। इस दौरान जनप्रतनिधि व प्रशासनिक अधिकारी प्रबंधन के साथ खड़े नजर आए। अब किसानों ने पावर ग्रिड प्रबंधन पर खेत में खड़ी फसल को नष्ट करने की धमकी मिलने के बाद हाड? तोड़ मेहनत से तैयार की गई फसल को बचाने की गुहार कलेक्टर से लगाई है। समस्या से ग्रस्त तकरीबन 10 गांवों के ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर से भेंट कर अपनी तकलीफों से अवगत करा समस्या निराकरण की मांग की है।
क्या है मामला
दरअसल सतना व मैहर जिले के विभिन्न गांवों से जेपी एसोसिएटस और मध्यप्रदेश पावर जनरेशन एंड ट्रांसमीशन कंपनी लिमिटेड की लगभग 29 लाइने गुजरती हैं जिसके लिए किसानों की जमीन पर टावर गाड़े गए हैं। टावर गाड़ने के दौरान अधिकांश किसानों को गाइडलाइन को दरकिनार कर बेहद मामूली राशि दी गई। इस मामले को लेकर किसान न्यायालय पहुंचे तो न्यायालय ने 3 पावर ग्रिड प्रबंधन के मिलाकर पांच सदस्यीय टीम गठित कर जांचो परांत 12 लाख प्रति टावर व 3 हजार रूपए प्रति मीटर रनिंग तार को अदा करने के निर्देश दिए। बुधवार को लालपुर, पिथौराबाद, अतरबेदिया खुर्द, डुड़ही नई बस्ती, अमिलिया, नंदहा, समेत कई गांवों , रामनाथ कोल , अमित गौतम , रामनेरश कोल, चैता कोल, मुन्नीलाल चौधरी, सुरेंद्र तिवारी, सुदर्शन विश्वकर्मा, रामकिशोर कुशवाहा, रामकृपाल कुशवाहा , रामखेलावन दाहिया, मातादीन कोल, गंगी कोल, आनंद कुशवाहा आदि ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायती पत्र देते हुए बताया कि तकरीबन 56 से अधिक किसानों को 12 लाख प्रति टावर से अधिक मुआजा अधिकारियों द्वारा दिया गया था जिसकी वसूली की अनुसंशा भी जांच टीम द्वारा की गई थी। जाहिर है कि प्रभावशाली किसानों को तो लाखों रूपए देकर उन्हें लाभ पहुंचाया गया लेकिन दोनो जिलों के 9 हजार से अधिक किसान अभी भी अपना हक पाने का इंतजार कर रहे हैं।
प्रबंधन पर फसलें नष्ट करने की धमकी देने का आरोप
किसानों ने कलेक्टर को बताया है कि उनके खेत में खड़ी फसल तक नष्ट कर दी जाती है जिसकी शिकायत करने पर किसानों को भगा दिया जाता है, जबकि अपने हक के लिए आवाज उठाने वाले किसानों के खिलाफ थानों में फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिए जाते हैं। शिकायत में बताया गया कि क्षेत्र के कई बिना आपराधिक रिकार्ड वाले शुद्ध खेतिहर -किसानों के खिलाफ थानों में संगीन मुकदमें दर्ज किए गए हैं जो पावर ग्रिड प्रबंधन की शह को दर्शाता है। ज्ञापनसौपने पहुंचे ऐसे ही एक किसान अमित कुमार गौतम ने बताया कि आंदोलन करने पर कभी सत्ताधरी दल के नेता आकर अनशन, हड़ताल और आंदोलन को तोड़वाने में तो रूचि दिखाते हैं लेकिन किसानों का हक दिलावने की मांग पर अफसर व जनप्रतिनिधि प्रबंधन के साथ खड़े नजर आते हैं। बताया गया कि एक सप्ताह से कंपनी के कर्मचारियो द्वारा खेतो मे आकर यह कहां जा रहा है कि हम पुलिस बल लाकर काम करेगे और रोकोगे तो मुकदमा कायम कराकर बंद करवा देगे। किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि हमारी खड़ी फसलों को बचाएं ताकि वे अपनी आजीविका चला सकें।
प्रमुख मांगें


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रक्षाबंधन पर भोपाल और रीवा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 से 31 अगस्त तक विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। साथ ही, रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच लगाए गए हैं। जानिए ट्रेनों का पूरा शेड्यूल, रूट और समय।
भोपाल के बोट क्लब पर राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी 230 विधानसभाओं में स्टेडियम बनाने और खेल बजट बढ़ाने की बात कही।
स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक तथा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत कर सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील के नगरा घाट पर आज यानी रविवार की सुबह चीख-पुकार और दहशत के माहौल के साथ शुरू हुई। चंबल नदी के उफान और तेज बहाव के बीच 150 से अधिक यात्रियों और 50 मोटरसाइकिलों को ले जा रहा एक स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
माधव नेशनल पार्क में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक और खुशखबरी आई है। पन्ना से लाई गई मादा बाघिन एमटी-4 ने शावकों को जन्म दिया है, जिसकी एक शावक के साथ पहली तस्वीर सामने आई है। इस नए मेहमान के आगमन के साथ ही रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर अब 9 हो गया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
भोपाल के कोलार रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कर्मश्री' संस्था द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में 'हर घर तिरंगा' और 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला पारंपरिक एट होम समारोह इस बार मध्यप्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहेगा।