सतना शहर के वार्ड क्रमांक 10 में बनी सीमेंटेड सड़क मात्र 7-8 महीनों में दरक गई। गुणवत्ता विहीन निर्माण को लेकर सवाल उठे हैं। जिम्मेदारों ने लापरवाही छिपाने के लिए दरारों पर सीमेंट का लेप भरवाया, पर सड़क की मजबूती अब संदेह में है।

सतना, स्टार समाचार वेब
शहर में चल रहे निर्माण व विकास कार्यों में किस तरह की लापरवाही बरती जा रही है, गुणवत्ता के साथ कैसा मजाक हो रहा है, इसके उदाहरण समय-समय पर सामने आ रहे हैं। ऐसा ही गुणवत्ता विहीन कार्य का ऐसा ही एक मामला वार्ड क्र. 10 के शारदा नगर संतकुंज आश्रम के पास सामने आया। जिसमें लगभग 7 से 8 माह पहले बनाई गई सीमेंटेड सड़क ककड़ी की तरह दरक गई। सड़क दरकने का मामला सामने आने पर आनन- फानन में रविवार को सड़क में सीमेंट का लेप भरा गया। बताया जाता है कि लगभग 3 सौ मीटर के दायरे की इस सड़क में डेढ़ से दो सौ मीटर के करीब दरार आ गई थी, जिस पर हालांकि सीमेंट का लेप लगाकर उसे भर दिया गया पर यह लेप सड़क को कितनी मजबूती प्रदान कर पाएगा यह एक बड़ा सवाल है।
पीपीएस बिल्डर्स ने बनाई है सड़क
बताया जाता है कि इस रोड का निर्माण पीपीएस बिल्डर्स द्वारा किया गया था। यहां उल्लेखनीय है कि पीपीएस बिल्डर्स के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अभी इस सड़क में आई दरार को भले ही क्षेत्र की मिट्टी पर पानी निकासी न होने को जिम्मेदार बताया जा रहा हो लेकिन वास्तव में यह गुणवत्ता विहीन कार्य का एक जीता जागता उदाहरण है। मामला सामने आने के बाद संविदाकार व संबंधित एजेंसी से सीमेंट का लेप लगवाकर सड़क भले ही चिकनी करवा दी गई हो पर क्या किसी पर इस गुणवत्ता विहीन कार्य की जिम्मेदारी तय की जाएगी, यह भी एक सवाल है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
हनुमान जयंती 2026 के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के भोपाल में यातायात प्रभावित रहेगा. शाम 4 बजे से ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित रहेगा. मध्य प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने भोपाल के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है. घर से निकलने से पहले डायवर्टेड रूट के बारे में जरूर जान लें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस को नियमित करने की मंजूरी मिल गई है। चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही ट्रेन जल्द नियमित होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा के लोही गांव में वृद्ध महिला की बेरहमी से हत्या कर सिर काटकर ले जाया गया। पुलिस ने सर्च में सिर बरामद किया, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण से पहले प्रशासन सख्त हुआ। करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
रामनगर सीएचसी में ब्लड स्टोरेज सेंटर का लाइसेंस खत्म होने से मरीजों को सतना तक 70 किमी जाना पड़ रहा है। संसाधनों की कमी से सुविधा शुरू नहीं हो सकी, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी हो रही है।
सतना के उचेहरा में मजदूरी मांगने पर अधेड़ की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले शराब पिलाई गई और फिर पीट-पीटकर घायल किया गया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई।
रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।