सतना में 2017 से चल रही सीवर परियोजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। बाजार क्षेत्र में महीनों से जारी खुदाई, धूल और अव्यवस्था से व्यापार प्रभावित है तथा व्यापारी जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
शहर में सीवर लाइन डालने का काम पिछले लगभग 9 सालों से चल रहा है। नगर निगम के जिम्मेदारों की कमाई का जरिया बना यह काम पूर्ण होने का नाम ही नहीं ले रहा है। कहीं सीवर लाइन डालने के लिए सड़क खोदी जा रही है तो कहीं पर लाइन तो डाल दी पर कनेक्शन जोड़ना भूल गए इसलिए दोबारा या तीसरी बार सड़क खोदनी पड़ रही है। बाजार में ही पिछले दो ढाई माह से सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है, सीवर की खुदाई के चलते आ रही परेशानियों और चौपट होते व्यापार से परेशान व्यापारियों में आक्रोश बढ़ने लगा है और अब वे भी पूछने लगे हैं कि आखिर शहर में खुदाई कब तक चलेगी? गौरतलब है कि शहर में सीवर लाइन डालने का काम 2017 में शुरू हुआ था, जिसे 56 माह में पूर्ण कर लिया जाना था, लेकिन शायद सीवर का शुरू करने के बाद जिम्मेदार भूल गए कि इसे पूर्ण भी करना होता है।
दो-ढाई माह से बाजार पैदल चलने लायक नहीं
शहर में सीवर लाइन का काम कब पूर्ण होगा इसका सटीक जवाब देने को कोई तैयार नहीं, जिस भी जिम्मेदार से सवाल करो उसका एक ही जवाब है, सीवर का काम अपने अंतिम दौर में है और जल्द पूर्ण हो जाएगा, पर वह अंतिम दौर कब आएगा भगवान जाने, बहरहाल शहर का मुख्य बाजार इन दिनों खुदा पड़ा हुआ है। यह हाल बाजार के पिछले दो से ढाई माह से है। सीवर के अव्यवस्थित काम के चलते परेशानी और बढ़ रही है। व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है, वे इन दिनों सिर्फ दुकान की धूल साफ करते समय गुजार रहे हैं, सीवर लाइन के काम से व्यापारी कितना परेशान है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमूमन अपने व्यापार से मतलब रखने वाला शहर का व्यापारी सड़क में उतर कर धरना- प्रदर्शन तक कर चुका है। व्यापारियों के धरने प्रदर्शन के बाद भी अभी जिम्मेदार अपनी नींद से पूरी तरह से नहीं जागे हैं। इन दिनों शहर के रीवा रोड में सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। बस स्टैंड से भरहुत नगर मोड़ की तरफ चल रहा यह काम भी कछुआ गति से ही चल रहा है। यह काम आगे कब तक चलेगा? कब पूरा होगा? इसकी कोई समय सीमा नहीं है।
2017 में शुरू हुआ था काम
शहर में सीवर लाइन डालने की स्वीकृति जून 2017 में पहली बार सतना में मिली थी जिसकी लागत करीब 206 करोड़ रुपए थी। शहर के अंदर करीब 492 किलोमीटर में सीवर लाइन डालने का कार्य करना था। इस कार्य को पूरा करने के लिए 3 वर्ष की समय अवधि थी, लेकिन 9 साल पूरे होने जा रहे है, पर अभी भी यह काम पूरा नहीं हो सका है। कंपनी द्वारा इस कार्य को समय से पूरा नहीं करने और सही कार्य न होने के साथ कार्य गुणवत्ता विहीन पाए जाने पर नगर निगम ने कंपनी को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जिसके बाद इस कार्य के लिए फिर से 11 जुलाई वर्ष 2022 में नई कंपनी को स्वीकृति दी गई। कार्य को दो जोन में करने के लिए बांटा गया, जिसमें एक जोन दूसरी कंपनी और दूसरा जोन दूसरी कंपनी को सौंपा गया। दोनों कंपनी को कार्य सौंपने के बाद कार्य को पूरा करने के लिए 3 वर्ष का समय दिया गया, लेकिन इनके द्वारा भी अभी तक कार्य पूरा नहीं किया गया। शहर की अधिकांश सड़कें अभी भी खुदी पड़ी हुई हैं।
व्यापारियों की पीड़ा...
पिछले ढाई माह से काम चल रहा है। दुकान आने जाने में दिक्कत हो चुकी है, काम लापरवाही पूर्वक तरीके से किए जाने से परेशानी और बढ़ गई है। व्यापार पूरी तरह से ठप पड़ा है। कोई देखने- सुनने वाला नहीं है।
किशोर मथानी, संचालक, वीनस स्वीट्स
पिछले दो माह से सारा धंधा चौपट है, ग्राहक तो जैसे बाजार और दुकान का रास्ता भूल ही गया है। यही हाल रहा तो धंधा बंद करना पड़ेगा। लगातार धूल के कारण बीमारी अलग से आ रही है। वैसे भी धंधे के नाम पर सारा दिन दुकान की धूल ही झाड़ते रहते हैं।
राजीव लोचन, दुकान संचालक
पिछले डेढ़- दो माह से बजार में रोज गड्ढे हो रहे हैं और रोज उन्हें भरा जा रहा है, बाजार में सिर्फ धूल ही धूल है। लोगों को पाउडर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है। आगे न जाने कब तक खुदा रहेगा शहर।
यशपाल जैन, पुराना पावर हाउस
सीवर लाइन व अन्य पाइप लाइन डलवाने के लिए शहर में लगातार खुदाई की जा रही है। पर वह काम पूर्ण होने का नाम ही नहीं ले रहा है। आए दिन बाजार में कहीं न कहीं आकर खोदकर चले जाते हैं फिर महीनों कोई झांकने नहीं आता है।
शैलेन्द्र शर्मा, बिहारी चौक


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