सतना में सीवर लाइन परियोजना फिर हादसे का कारण बनी। रीवा रोड पर सीवेज चेंबर में उतरे तीन सफाईकर्मी मिथेन गैस के रिसाव से बेहोश हो गए। एक मजदूर की मौत, दो गंभीर हालत में। 21 माह में 3 मौतें, 4 घायल। ठेका कंपनी की लापरवाही और प्रशासन की उदासीनता पर उठ रहे सवाल।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
206 करोड़ की लागत से 9 साल पूर्व शुरू की गई सतना की सीवर लाइन परियोजना अब लोगों के साथ साथ अपने ही कर्मचारियों के जीवन के लिए काल साबित हो रही है। गुरुवार को रीवा रोड स्थित टोयटा शोरूम के सामने सीवर लाइन में उतरे तीन मजदूर मिथेन गैस के रिसाव से बेहोश हो गए। लेकिन ठेका कंपनी इन विराट के कर्मचारी सभापुर थानांतर्गत पडुहार हाल मुकाम गणेश नगर नई बस्ती निवासी 37 वर्षीय संत कुमार कुशवाहा पिता राम शंकर कुशवाहा को बचाया नहीं जा सका। वह दो साल से इस कंपनी के लिए सीवर पर काम कर रहा था। मौके पर मौजूद लोगों ने एम्बुलेंस से आॅक्सीजन सिलेंडर लेकर रस्सी की मदद से तीनों कर्मचारियों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने एक कर्मचारी को मृत घोषित कर दिया। दो का इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि तीनों कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में काम करने उतरे थे।
कंपनी किसके संरक्षण में नियमों को धता बता रही है?
संत कुमार कुशवाहा की मौत के बाद यह सवाल उठने लगा है कि ठेका कंपनी की लापरवाही व विभागीय अधिकारियों की उदासीनता आखिर सीवर लाइन को पूरा करने के लिए अभी और कितनी बलि लेगी? सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सीवर चेम्बरों की सफाई मैनुअली करने पर सख्त प्रतिबंध है तो फिर कंपनी किसके संरक्षण में इन नियमों को धता बता रही है? करार के अनुसार कंपनी को हाइड्रो जेटिंग मशीन, पावर रोडिंग, सीवर इंस्पेक्शन कैमरा जैसे उपकरणों से काम करना था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मजदूरों की जान से खेलते हुए बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के काम कराया जा रहा है। न तो सेफ्टी गैजेट्स हैं और न ही मौके पर आपदा से निपटने की व्यवस्था। गंभीर पहलू यह है कि बीते रविवार को भी पतेरी के पास दो मजदूर गैस के असर से बेहोश हो गए थे। बावजूद इसके जिम्मेदार न चेते और न ही किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। यही वजह है कि गुरुवार को एक और मजदूर को अपनी जान गंवानी पड़ी। प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की यह उदासीनता मजदूरों की मौत के लिए कहीं अधिक जिम्मेदार है।
7 साल के बच्चे ने दी जानकारी
सफाई कर्मचारियों के सीवर लाइन के चेंबर में फंसे होने की जानकारी स्थानीय निवासी सौरभ सिंह को एक 7 साल के बच्चे ने दी। बच्चे को सीवर चेंबर से कुछ आवाजें सुनाई दीं, तो पास में मौजूद सौरभ को उसने बताया। सौरभ सिंह ने जब चेंबर के पास जाकर देखा, तो अंदर किसी की मौजूदगी समझ आई।
इस बीच मौके से दिवित हॉस्पिटल की एम्बुलेंस जा रही थी, उसे रोककर उससे आॅक्सीजन सिलेंडर लिया गया। फिर रस्सी के सहारे सौरभ सिंह चेंबर में उतरे और एक-एक कर सभी को बाहर निकाला गया। 2 कर्मचारियों की तो जान बच गई, लेकिन तीसरे की मौत हो चुकी थी। सौरभ सिंह की इस बहादुरी की अधिकारी भी तारीफ कर रहे हैं।
परिजन को 50 लाख मुआवजा मिलेगा
हादसे में मृत अमित कुमार कुशवाहा परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी भी 4 बेटियां है। मृतक के परिजन को ठेका कंपनी की ओर से 20 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने पर सहमति बनी है। वहीं, हादसे की एफआईआर के बाद नगर निगम भी 30 लाख रुपए परिजन को देगा।
21 माह में 3 श्रमिकों की मौत, 4 बाल-बाल बचे
आंकड़े बताते हैं कि केवल पिछले 1 साल 9 माह में ही सीवर लाइन के काम के दौरान 3 मजदूरों की मौत हो चुकी है और 4 मौत के मुंह से लौटे हैं। गुरुवार को दो तो पांच दिन पूर्व रविवार को पतेरी के निकट सीवर लाइन पर ऐसे ही काम करते हुए पीसी स्रेहल कंपनी के कर्मचारी अहरी टोला निवासी किशन परमार व आदर्श शुक्ला मिथेन गैस के दुष्प्रभाव से बाल-बाल बचे थे। राजेंद्र नगर वार्ड 26 सीवर लाइन में माउंटेन चैन के धंसकर गिर जाने से इसी साल 23 फरवरी को सीधी जिले के मुनेश तिवारी की मौत हो गई थी। इसी प्रकार 11 जनवरी 2024 को मारूति नगर की शारदा कालोनी में सीवर लाइन में काम कर रहे इनविराट कंपनी के कर्मचारी खिलाड़ी कुशवाहा की सीवर के मलबे में दबकर मौत हुई थी।
इन लगातार हो रही मौतों से साफ है कि ठेका कंपनी मजदूरों को सस्ते साधन मान रही है और प्रशासन मूकदर्शक बनकर केवल गिनती का इंतजार कर रहा है। सवाल यह उठता है कि आखिर और कितने परिवार उजड़ने के बाद जिम्मेदार जागेंगे?


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रक्षाबंधन पर भोपाल और रीवा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 से 31 अगस्त तक विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। साथ ही, रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच लगाए गए हैं। जानिए ट्रेनों का पूरा शेड्यूल, रूट और समय।
भोपाल के बोट क्लब पर राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी 230 विधानसभाओं में स्टेडियम बनाने और खेल बजट बढ़ाने की बात कही।
स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक तथा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत कर सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील के नगरा घाट पर आज यानी रविवार की सुबह चीख-पुकार और दहशत के माहौल के साथ शुरू हुई। चंबल नदी के उफान और तेज बहाव के बीच 150 से अधिक यात्रियों और 50 मोटरसाइकिलों को ले जा रहा एक स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
माधव नेशनल पार्क में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक और खुशखबरी आई है। पन्ना से लाई गई मादा बाघिन एमटी-4 ने शावकों को जन्म दिया है, जिसकी एक शावक के साथ पहली तस्वीर सामने आई है। इस नए मेहमान के आगमन के साथ ही रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर अब 9 हो गया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
भोपाल के कोलार रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कर्मश्री' संस्था द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में 'हर घर तिरंगा' और 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला पारंपरिक एट होम समारोह इस बार मध्यप्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहेगा।