सतना जंक्शन के ईस्ट साइड पार्किंग का ठेका सरेंडर होते ही सुरक्षा में चूक सामने आई है। CCTV कैमरे हटने के बाद चोरी की आशंका बढ़ गई है। पूर्व में 155 वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब वाहन पार्किंग यात्रियों की अपनी जिम्मेदारी पर होगी। जीआरपी और आरपीएफ की अनुपस्थिति ने यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित किया।

सतना, स्टार समाचार वेब
सतना जंक्शन के पूर्वी दिशा की तरफ पार्किंग का ठेका सरेंडर होते ही अब तीसरी नजर का पहरा भी हटा दिया गया है। ठेकेदार ने वाहनों की सुरक्षा के लिए 16 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे, जिन्हें ठेका सरेंडर करने के बाद निकालने की कवायद शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरों के हटते ही चोरों के निशाने पर दो पहिया वाहन आ गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछली बार ठेका निरस्त होने व नए ठेका चालू होने के दौरान काफी संख्या में दो पहिया वाहन स्टेशन परिसर से चोरी हुए थे, जिसमें से 155 वाहनों की चोरी की शिकायत जीआरपी में दर्ज कराई गई थी। उल्लेखनीय है कि सतना स्टेशन के पूर्वी दिशा की तरफ पार्किंग संविदाकार सुशील पांडे ने लगातार हो रहे घाटा और लाइसेंस फीस बढ़ाने के चलते पार्किंग ठेका सरेंडर कर दिया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 22 जून की रात 11.55 से स्टेशन के ईस्ट साइड पार्किंग स्टैंड का ठेका समाप्त कर दिया गया है। जबलपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार पार्किंग स्थल में वाहन स्वयं की जिम्मेदारी पर खड़ा करना होगा।
वाहनों को रखना है सुरक्षित तो जाना होगा वेस्ट साइड
ईस्ट साइड का ठेका सरेंडर होते ही अब स्टेशन वाहन लेकर जाने वाले लोगों को अपना वाहन सुरक्षित रखने की चिंता हो रही है। जानकारों के अनुसार स्टेशन के पश्चिमी दिशा की तरफ पार्किंग का ठेका संचालित है। हालांकि इसके लिए यात्रियों को 2-3 किमी का चक्कर लगाना पड़ेगा।
पहले दिन परेशान होते रहे यात्री
बताया गया कि पार्किंग ठेका समाप्त होते ही अपना वाहन सुरक्षित रखने के लिए परेशान होते रहे। सर्वाधिक परेशानी उन वाहन मालिकों को उठानी पड़ी जो अपने वाहन पार्किंग में खड़ी कर रेल मार्ग से यात्रा करते हैं। इसके अलावा सोमवार को रेल परिसर का यातायात भी यत्र-तत्र खड़े वाहनों के चलते अराजक नजर आया। जिसका जहां मन किया वहीं अपना वाहन खड़ा कर दिया। नो पर्किंग के बोर्ड के पास ही काफी वाहन अवैध रूप से खड़े रहे। मनमानी पार्किंग से स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। पहले दिन न तो पार्किंग विहीन सतना जंक्शन में वाहनों की सुरक्षा के लिए और न ही अराजक यातायात को नियंत्रित करने जीआरपी और आरपीएफ नजर आई।
रेल कर्मियों के 250 पास
रेलवे पार्किंग में रेलवे क र्मचारियों को रियायत दी जाती है। इसके लिए मंथली पास की सुविधा है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि स्टेशन में रेलवे कर्मचारियों की संख्या के अनुसार आधे भी पास नहीं बने थे। पार्किंग ठेका बंद होने के कारण रेल अधिकारियों व रेलकर्मियों के मासिक रेलवे पास की कलई भी खुली। बताया गया कि रेलवे कर्मचारी ही रेलवे नियमों को ठेगा दिखाते है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि ठेका पार्किंग में केवल 250 रेलवे कर्मचारियों ने ही पास की सुविधा ले रखी थी, जबकि लगभग 600 रेलवे कर्मचारी स्टेशन में अपना वाहन लेकर पहुंचते हैं। पार्किंग ठेकेदार को रेल कर्मियों के इस रवैये से भी राजस्व की चोट पहुंची है।
पार्किंग ठेका खत्म होने की सूचना कामर्शियल विभाग द्वारा पत्र लिखकर दी गई है। यात्री अपनी जिम्मेदारी पर वाहन खड़ा करेंगे। रेलवे प्रशासन ने इसके लिए सूचना बोर्ड लगाया गया है। उपलब्धता के अनुसार बल लगाया जाएगा।
राजेश राज, उप निरीक्षक जीआरपी सतना चौकी


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