सतना में गेहूं भंडारण संकट गहराया, बारदाने की भारी कमी के बीच साइलो बैग समाधान बना। एक लाख एमटी मांग पर 45 हजार एमटी मंजूरी से व्यवस्थाओं और योजना पर सवाल खड़े हो रहे।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
समितियों के आॅनलाइन न होने और स्लॉट बुकिंग में सर्वर की समस्या के बीच महज 24 घंटे बाद तय तारीख पर यहां गेहूं की खरीदी शुरू मानी जाएगी। इसमें जो सबसे बड़ी समस्या आ रही है वह भंडारण की है। पिछले दिनों में समूचे संभाग में 5 फीसदी ही बारदाने उपलब्ध होने की बात सामने आई थी यही कारण है कि सतना में गेहूं के भंडारण के लिए साइलो बैग की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन ने बारदानों की कमी को देखते हुए विकल्प के रूप में साइलो बैग का सुझाव दिया है। इसके लिए यहां के जिला प्रबंधक ने अपने रीजनल मैनेजर को मांग पत्र भेजा है। इस पत्र में एक लाख मीट्रिक टन गेहूं भंडारण करने के लिए साइलो बैग की मांग की गई है। जिस पर फिलहाल 45 हजार मीट्रिक टन का अप्रुवल मिलना बताया गया है। जबकि अकेले सतना जिला में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मात्र 3 फीसदी ही बारदाने उपलब्ध हैं इसी तरह पड़ोसी जिले मैहर में मात्र एक फीसदी ही। पिछले दिनों रीवा संभाग कार्यालय द्वारा जारी अनुमान के मुताबिक सतना जिले में 10 प्रतिशत बफर स्टॉक के सहित 9 हजार 1 सौ 22 गठान और मैहर जिला में 2 हजार 6 सौ 17 गठान की आवश्यकता है। इसे विरुद्ध सतना में 3 सौ 18 और मैहर में 20 गठान बारदाने उपलब्ध हैं।
तलाशी जा रही जमीन
साइलो बैग की स्थापना को लेकर फिलहाल जमीन तलाशी जा रही है। इसके लिए 40 एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। इधर, यह भी चर्चा है कि रेउरा फार्म को लेकर मन बनाया जा रहा है। अगर यह बात बनी तो यहां पर साइलो बैग स्थापित कर जिले को क्रिटिकल कांडिशन से बाहर निकालना संभव हो जाएगा। इससे पहले वर्ष 2022-23 में साइलो बैग स्थापित किए गए थे।
संभाग में मात्र 5 फीसदी उपलब्ध
रीवा संभाग में बुधवार से गेहूं उपार्जन शुरू होना है। 18 हजार 4 सौ 50 बारदानों की जरूरत के मुकाबले महज 950 ही उपलब्ध हैं। यानी सिर्फ 5 फीसदी स्टॉक के भरोसे पूरी खरीदी करने की तैयारी है। हालात यह हैं कि हर जिले में हजारों की कमी है और सबसे ज्यादा दबाव वाले जिलों में ही स्थिति सबसे खराब है।
कहां रखेंगे 1.88 लाख मीट्रिक टन
बारदानों के संकट को देखते हुए कलेक्टर सतना ने भोपाल से मांग कर चुके हैं। कलेक्टर ने अपने पत्र में लिखा है कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में जिले में करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का अनुमान लगाया गया है। इसके मुकाबले वर्तमान में केवल 62 हजार मीट्रिक टन कवर्ड (गोदाम) भंडारण क्षमता उपलब्ध है। यानी सीधे तौर पर 1.88 लाख मीट्रिक टन अनाज के लिए जगह नहीं है। यह बात कलेक्टर सतना ने प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन को लिखे अर्द्धशासकीय पत्र में हुआ दर्ज थी।
बारदानों की जानकारी
| जिला | जरुरत | उपलब्ध | कमी |
| सतना | 9122 | 318 | 8804 |
| मैहर | 2617 | 20 | 2597 |
| रीवा | 4666 | 409 | 4257 |
| सीधी | 852 | 26 | 826 |
| सिंगरौली | 760 | 111 | 649 |
| मऊगंज | 433 | 86 | 347 |
(आंकड़े गठान के हिसाब से)
प्रक्रिया चल रही है। जब फाइनल होगा तो अवगत कराया जाएगा।
दिनेश त्रिपाठी, जिला प्रबंधक, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक लिमिटेड

रीवा जिले में गेहूं खरीदी की घोषणा के तीन दिन बाद भी एक क्विंटल तौल नहीं हुई। बारदाने की कमी, भरे गोदाम और प्रशासनिक लापरवाही से किसान परेशान होकर लौट रहे हैं।
रीवा में टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ निवेश से पावर प्लांट लगाएगी। एक हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन होगा और पांच हजार युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
रीवा में टाटा एनर्जी 28 हजार करोड़ निवेश से पावर प्लांट लगाएगी। एक हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन होगा और पांच हजार युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
रीवा के बिछिया थाना क्षेत्र में डकैती की कोशिश नाकाम रही। घर में घुसे नकाबपोश बदमाश परिवार के जागने पर भाग निकले। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई, पुलिस जांच में जुटी।
सीधी के गांधी चौक में पत्नी को वापस बुलाने की जिद में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। घंटों हाईवोल्टेज ड्रामा चला, बाद में पुलिस की समझाइश पर सुरक्षित नीचे उतरा।
सतना के व्यंकट वन स्कूल में जनगणना प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों और प्रगणकों को बदबूदार व दूषित भोजन परोसा गया। नाराज प्रशिक्षुओं ने थालियां फेंकी, ठेकेदार को फटकार लगाई गई।
मंडी बोर्ड के सार्थक ऐप में लोकेशन छेड़छाड़ कर फर्जी हाजिरी लगाने का मामला सामने आया है। सतना, मैहर समेत छह जिले दागदार हुए, जबकि रीवा में सबसे ज्यादा कर्मचारी चिन्हित किए गए।
सतना जिला अस्पताल में सीटी स्कैन के लिए अब आभा आईडी अनिवार्य कर दी गई है। नए नियम से गंभीर मरीजों और परिजनों को लंबी लाइन, तकनीकी दिक्कतों व देरी की समस्या झेलनी पड़ेगी।
सतना के मझगवां वनक्षेत्र स्थित देवलहा बीट में भीषण आग भड़क उठी। तेज लपटों में दो वनकर्मी झुलस गए। लेंटाना झाड़ियों से आग तेजी से फैली, कई हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ।
सतना जिला अस्पताल में 400 बिस्तरों पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है। नर्सिंग स्टाफ की कमी, छुट्टियां और उच्च शिक्षा के लिए अवकाश से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है।

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