स्कूल शिक्षा विभाग की नीतियों से विज्ञान शिक्षक असंतुष्ट। अतिशेष, पद खत्म होने और प्रमोशन अटकने से शिक्षक साइंस छोड़ बीए-एमए कर रहे हैं।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
स्कूल शिक्षा विभाग में विज्ञान के शिक्षकों पर ऐसी शामत आई कि अब वह इससे पीछा छुड़ाने में लग गए हैं। साइंस शिक्षकों के लिए सजा बन गई है। साइंस को छोड़कर शिक्षक बीए, एमए की डिग्री लेने फिर से पढ़ाई करने लगे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के पास आवेदनों की झड़ी लग गई है।
आपको बता दें कि पहले साइंस विषय से पढ़ने और पढ़ाने वालों को अलग ही नजर से देखा जाता था। साइंस विषय का महत्व अलग था। स्कूलों में साइंस के पद भी अनिवार्य थे लेकिन सरकार ने इस विषय की ऐसी हालत कर दी कि अब कोई भी साइंस का शिक्षक बनने को ही तैयार नहीं है। विज्ञान विषय की स्कूलों में पढ़ाई तो चाहिए लेकिन शिक्षक नहीं चाहिए। इसका उदाहरण हाल ही में देखने को मिला था। साइंस के शिक्षकों को बड़ी संख्या में अतिशेष कर दिया गया था। सरकारी स्कूलों में सबसे अधिक शिक्षक विज्ञान विषय के ही थे। इन्हें ही स्कूलों से छात्र संख्या के हिसाब से कम कर दिया गया था। नौकरी का संकट खड़ा होने पर कई साइंस के शिक्षक दूसरे जिलों में चले गए। कुछ प्रतिनियुक्ति पर चले गए। हालांकि यह समस्या अभी खत्म नहीं हुई है। शिक्षकों को पदोन्नति भी नहीं मिल रही। साइंस में सबसे लंबी वेटिंग है। इसके कारण साइंस के शिक्षकों का इस विषय से मोह ही भंग होता जा रहा है। शिक्षकों ने इसका दूसरा रास्ता निकालना शुरू कर दिया है। कई शिक्षकों को दूसरे विषय की डिग्री होने का फायदा प्रमोशन में मिला। इसी राह पर और भी शिक्षक चल पड़े हैं। उन्होंने भी साइंस को छोड़ कर बीए और एमए की राह पकड़ ली है।
आफिस में पहुंच रहे आवेदन
साइंस के शिक्षकों ने विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है। साइंस विषय के शिक्षकों की स्कूल शिक्षा विभाग में भरमार है। कई शिक्षक दूसरे जिलों में पदस्थ हैं। उन्हें गृह जिला में आने का मौका नहीं मिल रहा। ऐसे में शिक्षकों ने विषय बदल कर प्रमोशन लेने की जुगत भिड़ानी शुरू कर दी है। साइंस के शिक्षक फिर से बीए और एमए कर रहे हैं। इससे इन शिक्षकों को अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विज्ञान जैसी विषयों में प्रमोशन आसानी से मिल जाएगा। इससे उन्हें विद्यालय बदलने में भी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। बीए, एमए करने के लिए विभाग से अनुमति लेने वाले शिक्षकों के आवेदन भी कार्यालय पहुंच रहे हैं। कईयों ने अनुमति लेकर पढ़ाई और परीक्षा देना भी शुरू कर दिया है।
कई स्कूलों में पद ही कर दिया गया खत्म
स्कूल शिक्षा विभाग ने कई स्कूलों में साइंस के पद ही खत्म कर दिए। विषयों के शिक्षकों का सेटअप ही ऐसा तय किया है कि साइंस के शिक्षकों का नंबर ही नहीं लगता। छात्र संख्या के हिसाब से शिक्षकों के पद स्वीकृत किए जा रहे हैं। जहां छात्र संख्या कम है, वहां साइंस के पद अतिशेष कर दिए गए हैं। इसके कारण कई प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में विज्ञान विषय के शिक्षक ही नहीं बचे हैं। मैथ के शिक्षकों से ही साइंस भी पढ़वाया जा रहा है।
अतिशेष में फंस गए थे हजारों शिक्षक
पिछले साल अतिशेष शिक्षकों को रिक्त पद वाले स्कूलों में भेजने की कवायद शुरू हुई थी। इसमें सबसे अधिक साइंस के शिक्षक अतिशेष हुए थे। पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा था। सबसे अधिक शिक्षक रीवा संभाग में ही अतिशेष हुए थे। इन्हें अन्यत्र पदस्थ करने के लिए पद ही खाली नहीं थे। डीईओ कार्यालय में कई चरण में काउंसलिंग आयोजित की गई थी। इसके बाद से ही साइंस के शिक्षकों का इस विषय से मोह भंग हुआ। अब भी शिक्षक विकल्प की तलाश में लगे हुए हैं।
साइंस से जुड़ी योजनाएं तो चल रही लेकिन शिक्षक नहीं हैं
स्कूल शिक्षा विभाग में छात्रों को वैज्ञानिक बनाने और साइंस के क्षेत्र में नया क्रिएटिव करने के लिए उन्हें तैयार किया जा रहा है। कई योजनाएं चलाई जा रही है। प्रतियोगिताओं और इवेंट का भी आयोजन किया जा रहा है लेकिन सरकार शिक्षक नहीं रखना चाहती। स्कूल शिक्षा विभाग में विज्ञान प्रदर्शनी मेला, इंस्पायर अवार्ड , विज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन करती आ रही है। इसमें छात्रों से आइडियाज लिए जाते हैं लेकिन दूसरी तरफ स्कूलों से साइंस के पद ही खत्म किए जा रहे हैं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश के 2,790 होमगार्ड जवानों के लिए त्योहारों के इस मौसम में बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। 2018 की विशेष भर्ती के दौरान दूसरे जिलों में पदस्थ किए गए जवानों को अब अपने गृह जिले लौटने का अवसर मिलने जा रहा है। सरकार ने जवानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए होमगार्ड नियम, 2016 के प्रावधानों में एक बार के लिए विशेष छूट देने का निर्णय लिया है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर शहर में एक आवारा कुत्ते ने दहशत फैला दी है। कुत्ते ने महज 6 घंटे के भीतर 26 लोगों को काटकर घायल कर दिया। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक यह आवारा कुत्ता मुख्य बाजार में घूम-घूमकर राहगीरों और वाहन चालकों पर हमला करता रहा।
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के सभी विभागों में वर्षों से लंबित पड़े अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का त्वरित समाधान करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने का बड़ा निर्णय लिया है। हाल ही में सरकार द्वारा चलाई गई पदोन्नति प्रक्रिया के फलस्वरूप विभिन्न कार्यालयों में नए पद रिक्त हुए हैं।
धनतेरस पर बाजारों में उमड़ी भीड़ और वाहनों की भारी आवाजाही के कारण राजधानी की हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार सुबह 5 बजे टीटी नगर मॉनिटरिंग स्टेशन पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 197 दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 7 से 11 दिसंबर तक आयोजित होगा। खाद किल्लत, जहरीली शराब और बिजली कटौती पर सरकार को घेरेगा विपक्ष।
भोपाल में सफाई कर्मचारियों की 3 दिन से जारी हड़ताल से सड़कों पर 2550 टन कचरा जमा हो गया है। वीआईपी इलाकों से लेकर बाजारों तक गंदगी का आलम है। जानिए कर्मचारियों की माँगें और शहर के मौजूदा हालात।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धनतेरस पर सीएम निवास में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज को गरीबों के कल्याण के लिए आगे आना चाहिए। साथ ही बताया कि MP निवेश में देश में नंबर-1 है।
मध्य प्रदेश में 9 नवंबर को प्रदेशव्यापी गोवर्धन पूजा का आयोजन। सीएम मोहन यादव भोपाल के रविंद्र भवन से 5.51 लाख निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 60 करोड़ से अधिक की राशि करेंगे ट्रांसफर। जानें पूरी डिटेल।
मध्यप्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को प्रदेश कार्यालय प्रभारी नियुक्त किया है। जानिए संगठन में हुए इस बड़े बदलाव और कार्यकारिणी के इतिहास के बारे में।
मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 1 से 3 नवंबर 2026 तक तीन दिवसीय 'राज्योत्सव' का आयोजन। थीम 'विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश'। मोनाली ठाकुर और मामे खान के सांस्कृतिक कार्यक्रम, 102 मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और किसानों को मिलेंगे ट्रैक्टर व ई-स्कूटर।