मध्य प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए अप्रैल से शुरू होने वाले नए स्कूल सत्र को स्थगित करने की मांग उठी है। कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी ने बच्चों के स्वास्थ्य और निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है।
रीवा के स्कूल शिक्षा विभाग में करोड़ों के घोटालों के बावजूद न कार्रवाई, न वसूली। अनुदान, गुरुजी, रंगाई-पुताई और फर्जी नियुक्ति मामलों की फाइलें अफसरों की मेहरबानी से वर्षों से दबी पड़ी हैं।
रीवा में स्कूल मरम्मत के नाम पर 28 लाख के फर्जीवाड़े की जांच पूरी, डीईओ सहित अधिकारी व प्राचार्य दोषी पाए गए।
स्कूल शिक्षा विभाग की नीतियों से विज्ञान शिक्षक असंतुष्ट। अतिशेष, पद खत्म होने और प्रमोशन अटकने से शिक्षक साइंस छोड़ बीए-एमए कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने कक्षा 9वीं-10वीं के लिए आयोजित गणित एवं विज्ञान ओलंपियाड 2025 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। विजेताओं को 51 हजार रुपये तक का नकद पुरस्कार दिया गया है
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विभाग का नया रोडमैप पेश किया। जानें 32,000 शिक्षकों की भर्ती, भोपाल में बनने वाली प्रदेश की सबसे ऊंची इमारत और शिक्षा में नवाचार की पूरी जानकारी।
30 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेकित छात्रवृत्ति योजना के तहत 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। जानें योजना की डिटेल्स और कार्यक्रम की जानकारी।
रीवा और मऊगंज जिलों की 149 स्कूलों को पूरी या आंशिक रूप से जमींदोज किया जाएगा, जबकि 439 स्कूलों की हालत मरम्मत योग्य बताई गई है। ये भवन पंचायतों द्वारा 2005–2008 में बनवाए गए थे, लेकिन घटिया निर्माण के चलते 20 साल भी नहीं टिक पाए। अब छात्र जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
रीवा और मऊगंज जिले के पाँच निजी स्कूलों की मान्यता इस शैक्षणिक सत्र में समाप्त कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार इन स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षक थे और न ही नियमों के अनुरूप 30 हजार की एफडी जमा की गई थी। कलेक्टर के पास अपील का मौका देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते अब इन स्कूलों के छात्र अन्य संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर हैं।
रीवा में डीईओ और डीपीसी पद पर नियमों को दरकिनार कर जूनियर को नियुक्त कर दिया गया। 1200 वरिष्ठ शिक्षकों की अनदेखी से नाराज़ मऊगंज विधायक ने यह मुद्दा विधानसभा में उठा दिया है। जानिए अब क्या होगा प्रशासन में।





















