सीधी जिले में बाणसागर डैम के तीन गेट खोलने से सोन नदी का जलस्तर बढ़ा। सिहावल, चौपाल कोठार सहित कई तटीय गांवों में बाढ़ जैसे हालात। प्रशासन ने जारी किया अलर्ट, SDRF की टीम तैनात।

हाइलाइट्स
सीधी, स्टार समाचार वेब
सीधी जिले की जीवनदायिनी सोन नदी उफान पर है। सोमवार को बाणसागर डैम के 3 गेट खोले जाने के बाद अचानक आए जलप्रवाह ने सीधी जिले के तटीय गांवों के लिए संकट खड़ा कर दिया है। विशेषकर सिहावल तहसील के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी के किनारे न जाने की अपील की है। बीते तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण बाणसागर डैम का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। प्रशासन को डैम के तीन गेट खोलने पड़े। इससे एकाएक बड़ी मात्रा में पानी सोन नदी में छोड़ा गया।
नदी किनारे न जाएं : एसडीएम
जिले की अन्य सहायक नदियों का पानी भी सोन नदी में मिलने से जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। गोपद बनास के एसडीएम नीलेश शर्मा ने लोगों से नदी के किनारे न जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अचानक जलस्तर में वृद्धि से बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
निचले इलाकों में अलर्ट जारी
सोन नदी तट के निचले इलाके जिनमें नगझर, कोल्हुडीह,सिहावल, बमुरी, घुघटा, खैरा, सहित कई गांव शामिल हैं। यहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील की गई है। सोन नदी के बढ़ते जलस्तर से फिलहाल कोई जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासनिक अमला, एसडीआरएफ और पुलिस बल राहत और बचाव कार्य के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
एसडीआरएफ टीम तैयार : मयंक
एसडीआरएफ प्लाटून कमांडर मयंक तिवारी ने बताया कि उनकी टीम पूरी तरह मुस्तैद है। किसी भी आपात स्थिति में लोग तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दें। प्रशासन ने सिहावल तहसील समेत आसपास के तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
चौपाल कोठार में बाढ़ ने रोकी रफ्तार
जिले के गोपदबनास तहसील अंतर्गत चौपाल कोठार गांव में रविवार को दोपहर तेज बारिश के बाद नदी में अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया। चौपाल कोठार को सीधी मुख्यालय से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क पर बने पुल पर पानी बहने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। गांव के लोग अब बाहर नहीं निकल पा रहे और गांव में ही फंसे हुए हैं। सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी था, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे कई वाहन वहीं फंस गए और ट्यूशन जा रही बच्चियां नदी के मुहाने पर फंसी रह गईं। ग्रामीणों में भय और बेचैनी का माहौल है। स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। एसडीएम गोपदबनास नीलेश शर्मा ने बताया कि तेज बारिश की वजह से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे न जाएं।


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