वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रही। सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट दर्ज की गई। जानिए बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह।

बिजनेस डेस्क। स्टार समाचार वेब
वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर और नकारात्मक संकेतों के कारण आज घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत बेहद सुस्त और सपाट रुख के साथ हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और दुनिया भर में सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज में तेजी के चलते निवेशकों का मनोबल कुछ हद तक प्रभावित हुआ है, जिससे वे जोखिम भरे निवेश से फिलहाल बचते नजर आ रहे हैं।
कारोबार की शुरुआत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी बेहद सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। बाजार के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, निवेशकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया के कारण दोनों प्रमुख सूचकांकों में सुस्ती बनी रही।
आज के शुरुआती कारोबार में बाजार के अलग-अलग सेक्टरों में मिला-जुला असर देखने को मिला है। सूचना प्रौद्योगिकी यानी IT सेक्टर की कंपनियों के शेयरों ने बाजार को कुछ हद तक संभालने का प्रयास किया और इनमें खरीदारी का रुख देखा गया। इसके अलावा रियल्टी सेक्टर में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई।
इसके विपरीत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अन्य वैश्विक दबावों के कारण मेटल और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी रही। फार्मा, केमिकल और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में भी सुस्त कारोबार दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और मध्य-पूर्व के हालात के कारण कच्चे तेल के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए क्रूड ऑयल महंगा होने से देश में महंगाई और राजकोषीय मोर्चे पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसके अलावा, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड के बढ़ने से विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा उभरते बाजारों से पैसा निकालने का सिलसिला भी बाजार को प्रभावित कर रहा है।
बाजार जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर भले ही कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी फंडामेंटल मजबूत हैं। घरेलू स्तर पर निवेशकों का निरंतर समर्थन मिलने से बाजार को एक बड़ा सहारा मिल रहा है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह समय चुनिंदा और मजबूत शेयरों में रणनीतिक रूप से निवेश करने का अवसर प्रदान कर सकता है।
आज 19 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में फिसलन दर्ज की गई है। जानिए दिल्ली, मुंबई और जयपुर में सोने-चांदी के ताजा भाव और बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक।
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट रही। सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट दर्ज की गई। जानिए बाजार की स्थिति और विशेषज्ञों की सलाह।
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भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव निवेशकों की धारणा पर भारी पड़ा। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 278.32 अंक गिरकर 77,450.64 पर आ गया।
सोना और चांदी का रेट हर दिन बदल रहा है। आज नागपंचमी के दिन सोने की कीमतों में तेजी आई है। सोमवार को 24 कैरेट सोना 609 चढ़कर 1,55,115 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। कल 1,54,506 रुपए प्रति 10 ग्राम था। चांदी का रेट भी 1476 चढ़कर 2,37,400 रुपए प्रति किलो हो गया है।
आज शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव बाजार पर हावी रहे। निवेशकों की सतर्कता के बीच बाजार में कमजोरी देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 284.85 अंक गिरकर 77,717.05 पर आ गया।
घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली के कारण देश की शीर्ष 10 में से 5 कंपनियों का मार्केटकैप एक लाख करोड़ रुपये से अधिक घट गया है। जानिए टीसीएस, रिलायंस, एलआईसी और एसबीआई समेत किन कंपनियों को हुआ नफा और नुकसान।
रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित सात भारतीय राज्य 2031 तक 1380 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इन केंद्रों से करीब 12 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का लक्ष्य है।
भारत में आज शुरुआती कारोबार के चंद मिनटों बाद शेयर बाजार की चाल और बिगड़ गई। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान पर खुले।
जुलाई 2026 के ताजा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार देश की खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.45% हो गई है। खाद्य पदार्थों, प्याज, लहसुन और अदरक की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है।

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