सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकाल तक धरना देने का अधिकार किसी को नहीं है। अदालत ने प्रदर्शनों से आम जनता और मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ने वाले असर पर भी चिंता जताई।

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों पर लंबे समय तक चलने वाले धरना-प्रदर्शनों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रदर्शनकारी समूह को सार्वजनिक स्थान पर अनिश्चितकाल के लिए कब्जा जमाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। शीर्ष अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आंदोलनों की वजह से आम जनता और दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका पर पड़ने वाले असर का आकलन करना भी बेहद जरूरी है।
जंतर-मंतर और व्यापारिक नुकसान पर सुनवाई
चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह टिप्पणियां अक्टूबर में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कीं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का विरोध कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर, एक व्यापार संगठन की ओर से पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि लगातार होने वाले आंदोलनों से कारोबार को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रदर्शनों के कारण व्यापार को लगभग 2,000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। त्योहारों के दौरान बाजार बंद रहने से व्यापारियों के साथ-साथ टेम्पो चालकों, मजदूरों और सामान ढोने वाले कर्मचारियों की रोजी-रोटी सीधे तौर पर प्रभावित होती है।
सॉलिसिटर जनरल की दलीलें और कोर्ट का सवाल
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जुलाई में हुए एक प्रदर्शन का हवाला देते हुए बताया कि प्रशासन ने केवल एक दिन की अनुमति दी थी, लेकिन प्रदर्शनकारी 17 दिनों तक वहां जमे रहे और बाद में बिना अनुमति संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। उन्होंने मांग की कि प्रदर्शन करने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। इन दलीलों पर चीफ जस्टिस ने कहा कि प्रदर्शन के लिए एक या दो स्थान तय किए जा सकते हैं, जहां सभी को बारी-बारी से विरोध दर्ज कराने का अवसर मिलना चाहिए। किसी एक समूह को एकाधिकार देकर दूसरों को वंचित नहीं किया जा सकता। पीठ ने सवाल उठाया कि यदि किसान, मजदूर, ट्रेड यूनियन और बेघर लोग भी अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना चाहें तो वे कहां जाएंगे?
प्रशासनिक पाबंदियों पर बेंच का दृष्टिकोण
व्यापार में आई गिरावट पर चर्चा करते हुए पीठ के सदस्य जस्टिस जोयमाल्या बागची ने एक महत्वपूर्ण पहलू रेखांकित किया। उन्होंने सवाल किया कि कारोबार में नुकसान के लिए केवल प्रदर्शनकारियों को ही उत्तरदायी कैसे ठहराया जा सकता है, जबकि पुलिस व प्रशासन द्वारा लगाई जाने वाली बैरिकेडिंग और दुकानों को जबरन बंद कराने जैसे कदम भी व्यापार को प्रभावित करने के लिए उतने ही जिम्मेदार होते हैं।
याचिकाओं का वर्गीकरण और आगामी सुनवाई
मंगलवार, 3 नवंबर को हुई इस व्यापक सुनवाई में कई अन्य महत्वपूर्ण विषय भी सामने आए, जिनमें महिला पत्रकारों की सुरक्षा, प्रदर्शनकारियों की पहचान हेतु फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक का उपयोग और प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो सेवाएं, सड़कें व इंटरनेट बंद किया जाना शामिल है। मामले की जटिलता को देखते हुए कोर्ट ने बताया कि नोडल वकीलों ने याचिकाओं को 9 अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया है। सुचारू सुनवाई के लिए प्रत्येक श्रेणी की याचिकाओं पर अलग से विचार किया जाएगा और वकीलों के बहस का क्रम निर्धारित किया जाएगा।
विपक्ष के मार्च से जुड़े मुद्दे पर 23 नवंबर को विचार
सुनवाई के दौरान विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के दौरान निर्मित स्थिति और राहुल गांधी द्वारा एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिए जाने के आरोपों से जुड़े विषय पर भी चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस विशिष्ट मामले की सुनवाई के लिए 23 नवंबर की तारीख तय की है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता को निर्देश दिया गया है कि वे सभी संबंधित प्रतिवादियों को याचिका की प्रतियां उपलब्ध कराएं ताकि वे अपना जवाब दाखिल कर सकें।
यह भी पढ़ें..
पड़ोसी देश बांग्लादेश में न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कपड़ा मजदूरों का हिंसक प्रदर्शन जारी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने मामले पर सतर्कता जताई है, वहीं ढाका और आसपास के 670 से अधिक कारखाने बंद कर दिए गए हैं।
भारतीय नौसेना और वायुसेना ने अरब सागर में 48 घंटे चले संयुक्त अभियान के तहत ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ के 20 चालक दल के सदस्यों को समुद्री लुटेरों से सुरक्षित बचा लिया है। ईरान ने इस कार्रवाई की सराहना की है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चितकाल तक धरना देने का अधिकार किसी को नहीं है। अदालत ने प्रदर्शनों से आम जनता और मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ने वाले असर पर भी चिंता जताई।
साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 18 जिलों की समीक्षा बैठक के साथ ही 3 साल से एक ही जिले में तैनात अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए गए हैं।
ओमान के लिमाह के पास कमर्शियल जहाज 'MSV अल जुसुफी' पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए मृतक के पार्थिव शरीर और सुरक्षित बचाए गए 13 भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए ओमान सरकार से संपर्क साधा है।
पर्यावरण अनुकूल और प्रदूषण-मुक्त दीवाली के मैसेज वाले बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के वीडियो को सोशल मीडिया से हटाए जाने के कदम पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा एतराज जताया है। कोर्ट ने बीएमसी कमिश्नर द्वारा मशहूर हस्तियों को जन-जागरूकता से जोड़ने के फैसले को पूरी तरह तर्कसंगत और सराहनीय बताया।
चक्रवाती तूफान मुरासु रात 1 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच इसने ओंगोल के पास तट पार किया। इस दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। तूफान से विजयवाड़ा समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति दे दी है। जानें पटाखा जलाने की समय-सीमा, नो-क्रैकर जोन की लिस्ट और पटाखों के धुएं का सेहत पर पड़ने वाला गंभीर असर।
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या राम मंदिर चंदा हेराफेरी मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं का निपटारा कर दिया है। यूपी सरकार ने कोर्ट को बताया कि मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हो गया। रोड़ी मिलाने वाली मशीन 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह