रीवा-सतना समेत विंध्य की राजनीति में कांग्रेस जातिवादी असंतोष से जूझ रही है। ब्राह्मण नेतृत्व की अनदेखी से संगठन कमजोर होता दिख रहा है, जबकि भाजपा हर जाति को प्रतिनिधित्व देकर मजबूत होती जा रही है।
रीवा नगर निगम में स्वतंत्रता दिवस समारोह पर सम्मान को लेकर विवाद। वार्ड क्रमांक 4 के एआरआई विष्णु लखेरा को केवल 3.93% कार्य प्रगति के बावजूद कलेक्टर के हाथों प्रशस्ति पत्र दिलाया गया। वहीं 10% से अधिक प्रगति करने वाले एआरआई सम्मान से वंचित रह गए, जिससे कर्मचारियों में असंतोष।
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत सतना में शहर और ग्रामीण अध्यक्षों की नियुक्ति पर सवाल खड़े हो गए हैं। सईद अहमद द्वारा शहर अध्यक्ष पद लेने से इनकार करने के बाद आरिफ इकबाल सिद्दीकी की ताजपोशी ने कार्यकर्ताओं को नाराज़ कर दिया है। पार्टी के जातीय समीकरणों में सवर्ण नेताओं की अनदेखी से कांग्रेस का वोट बैंक प्रभावित हो सकता है।
राजस्व अधिकारियों के न्यायिक और गैर न्यायिक वर्गीकरण को लेकर नाराज तहसीलदारों ने 6 अगस्त से प्रशासनिक कार्य न करने का ऐलान किया है। वे सिर्फ आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में सहयोग करेंगे। कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में अधिकारियों ने शासकीय वाहन, डोंगल और वाट्सऐप ग्रुप छोड़ने की बात भी कही है।
रीवा कलेक्टर द्वारा जारी नए कार्य विभाजन आदेश ने राजस्व विभाग में असंतोष फैला दिया है। पढ़े-लिखे पीएससी पास नायब तहसीलदारों को लॉ एंड ऑर्डर में लगाया गया, जबकि आरआई और प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधिकारियों को राजस्व न्यायालयीन कार्य सौंपा गया है। कलेक्टर के फैसले से विभाग में भ्रम और नाराज़गी का माहौल है।

















