दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट 6E 579 की सफल इमरजेंसी लैंडिंग हुई। इंजन में खराबी के बावजूद पायलटों की सूझबूझ से एक बड़ा विमान हादसा टल गया।
ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में एक महिला की मौत के बाद 13 घंटे तक शव को विमान में ही रखा गया। जानें उड़ान के दौरान मौत होने पर एयरलाइंस किन अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करती हैं।
एयर इंडिया की न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI102 को तकनीकी समस्या के कारण आयरलैंड डायवर्ट किया गया। 300 यात्री सुरक्षित, शैनन एयरपोर्ट पर हुई लैंडिंग। पढ़ें पूरी खबर
भोपाल एम्स के इमरजेंसी विभाग की महिला डॉ. रश्मि वर्मा ने आत्महत्या की कोशिश की है। उन्होंने घर पर खुद को जहरीला इंजेक्शन लगा लिया। पति ने देखा तो तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। पल्स रेट और हार्टबीट लगातार गिरती देख साथी डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल सीपीआर देकर रिवाइव किया।
मुंबई से वाराणसी आ रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान में बम की धमकी के बाद वाराणसी एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया। इमरजेंसी लैंडिंग कराकर सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। बम निरोधक दस्ता और ATS जांच में जुटे।
सतना जिले में 108 एम्बुलेंस सेवा की हालत खस्ताहाल, मरीज को छोड़ने के बाद जिला अस्पताल गेट पर बंद पड़ी एम्बुलेंस को धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ा। मॉनिटरिंग की कमी और स्टाफ की लापरवाही से जीवनदायिनी सेवा अब खटारा एक्सप्रेस बन रही है।
सतना जिला अस्पताल परिसर में खड़ी 108 एम्बुलेंस मरीज को ले जाने से पहले ही बंद हो गई। ड्राइवर ने कई कोशिशों के बाद जब वाहन स्टार्ट नहीं किया तो धक्का लगाकर किनारे किया गया। कई घंटे बाद दूसरी एम्बुलेंस का इंतजाम हो पाया। जिले में 60 से अधिक 108 एम्बुलेंस होने के बावजूद मॉनिटरिंग के अभाव में मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पा रही।
जयपुर से मुंबई जा रही Air India की फ्लाइट AI-612 की कार्गो गेट खुला होने के संकेत के बाद इमरजेंसी लैंडिंग। टेकऑफ के 18 मिनट बाद विमान वापस उतरा। एयरलाइन की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर फिर उठे सवाल, DGCA की पिछली चेतावनियां चर्चा में।
भारतीय रेलवे ने आपातकालीन कोटा बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। अब यात्रियों यात्रा की तिथि के एक दिन पहले आवेदन करना होगा। यह बदलाव आरक्षण चार्ट तैयार करने के समय में किए गए बदलाव के हिसाब से परिवर्तनों के अनुरूप है।
पचास वर्ष पूर्व, 25 जून 1975 का दिनभारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण दिनथाजब तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की तानाशाही सरकार ने आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर देश में आपातकाल की घोषणा की, जिसनेदेश के संविधान की आत्मा को कुचल कर रख दिया।






















