विंध्य क्षेत्र के छह जिलों में राशन कार्ड ई-केवाईसी अभियान अभी अधूरा है। 56 लाख से अधिक सदस्यों में करीब 3.17 लाख का सत्यापन बाकी है। प्रशासन के दावों के बावजूद कई जिलों में प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।
रीवा संभाग के छह जिलों में सरकारी योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया बेहद धीमी है। 1 लाख 16 हजार से अधिक पात्र लोगों में से केवल 3,652 की ही ई-केवाईसी पूरी हो पाई है। यह स्थिति भविष्य में योजना लाभ रुकने और नाम कटने का खतरा बढ़ा रही है, जिस पर प्रशासनिक कार्रवाई जरूरी है।
मऊगंज जिले के सुअरहा प्राथमिक विद्यालय में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें बताया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल ई-केवाईसी और डीबीटी से लिंक खातों में ही मिलेगा। यूनियन बैंक द्वारा स्वरोजगार और शिक्षा लोन की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही 30 सितंबर तक चल रहे जन सुरक्षा अभियान के तहत बीमा और पेंशन योजनाओं के लिए लोगों को जागरूक किया गया।
कलेक्टर हर्षल पंचोली ने राजस्व अधिकारियों की बैठक में लंबित नामांतरण, नक्शा तरमीम, बंटवारा जैसे प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही फसल, जन एवं पशु हानि से जुड़े मामलों को भी प्राथमिकता देने पर बल दिया।
रीवा शहर में समग्र आईडी फर्जीवाड़े से आबादी 19 हजार अधिक दर्ज। ई-केवाईसी की धीमी रफ्तार नगर निगम की लापरवाही उजागर कर रही है।

















