कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव का दौरा किया। उन्होंने कुपोषण और मलेरिया से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
मझगवां के कानपुर गांव में दो वर्षीय अभिराम गंभीर कुपोषण से जूझ रहा है। सतना-मैहर में दो हजार से अधिक बच्चे गंभीर कुपोषित हैं, जबकि विभागीय प्रयासों के बावजूद समस्या लगातार बनी हुई है।
सतना में दस्तक अभियान की धीमी शुरुआत ने चिंता बढ़ाई। जिला सैम और डायरिया हॉटस्पॉट में शामिल है, जबकि लक्ष्य के मुकाबले केवल 2.79 प्रतिशत बच्चों की जांच हो सकी, स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर सवाल उठे।
सतना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही एनएचएम की जांच में सामने आई। कुपोषण, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की निगरानी में कमी और अस्पतालों में अनियमितताओं पर छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
नईगढ़ी के पोषण पुनर्वास केंद्र में गंभीर कुपोषण और सांस की समस्या से जूझ रही तीन माह की बच्ची अलीजा का सफल उपचार किया गया। विशेष देखभाल और पोषण से उसकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
सतना-मैहर सिविल अस्पताल निरीक्षण में राज्यस्तरीय टीम ने लेबर रूम स्ट्रक्चर में तकनीकी गड़बड़ी पाई। कुपोषण जांच के दौरान एनआरसी कार्य सराहा गया, वहीं सुधार के निर्देश भी जारी किए गए।
सतना जिले के मझगवां में कुपोषण से मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। जांच में लापरवाही, एनीमिया और सुविधाओं की कमी सामने आई, जिससे जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हुई।
सतना के सुरांगी गांव में मासूम सुप्रांशी की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया। संयुक्त टीम ने तीन कुपोषित बच्चों की पहचान की, एक को रेफर किया, दो परिवारों ने भर्ती से इंकार किया।
सतना के सुरांगी गांव में कुपोषण से मासूम की मौत के बाद जांच तेज हुई। हेल्थ जेडी ने पहुंचकर बयान दर्ज किए, लापरवाही उजागर हुई, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर कार्रवाई भी की गई।
सतना के मझगवां क्षेत्र में चार माह के जुड़वा बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार मिले। इलाज में देरी और सरकारी योजनाओं की कमी पर सवाल उठे, बच्चों को जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में भर्ती किया गया।





















