सतना के सुरांगी गांव में कुपोषण से मासूम की मौत के बाद जांच तेज हुई। हेल्थ जेडी ने पहुंचकर बयान दर्ज किए, लापरवाही उजागर हुई, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर कार्रवाई भी की गई।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
मझगवां विकासखंड अन्तर्गत सुरांगी गांव में अति कुपोषित जुड़वा बच्चों में से एक की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरूवार को मामले की जांच करने रीवा संभाग की हेल्थ ज्वाइंट डायरेक्टर भी सुरांगी पहुंची, जहां उन्होने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज किए। बताया जाता है कि रीवा संभाग की हेल्थ ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. एसबी अवधिया एवं महिला बाल विकास विभाग की जेडी शशि श्याम उइके ने सुरांगी पहुंच कर कुपोषण से हुई मासूम की मौत के मामले की छानबीन की और मृत्यु के कारणों का दस्तावेज तैयार किया। मौके पर उनके द्वारा मृतक बच्ची की दादी से मुलाकात कर चर्चा की गई। मृतक की दादी ने बताया कि बच्चे कुछ दिन से बीमार थे, बच्चों को सभी टीके लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का अमला भी घर आता था। यह सब बातें कलमबद्ध की गर्इं। गौरतलब है कि मंगलवार 21 अपै्रल को इलाज के दौरान सुरांगी गांव के नत्थू प्रजापति के 4 माह के जुड़वा बच्चे नैतिक और सुप्रांशी अति कुपोषित पाए गए जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। 22 अपै्रल को इलाज के दौरान सुप्रांशी की मौत हो गई जबकि नैतिक को उचित इलाज के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
कैम्प में भी नहीं पहुंचे बच्चे
बताया गया कि सुरांगी गांव में 11 अपै्रल 2026 को विशेष कैम्प लगाया गया था, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर-घर हितग्राहियों को बुलाया भी गया था लेकिन ये दोनों अति कुपोषित बच्चे कैम्प नहीं पहुंचे। हेल्थ जेडी ने इस बारे में भी पूछा तो परिजनों ने जवाब दिया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर बुलाने आई थी लेकिन बच्चों की मां कुछ काम में व्यस्त थी।
एनआरसी में विजिट
हेल्थ जेडी और महिला बाल विकास की जेडी द्वारा सुरांगी मेें परिजनों के बयान के बाद मझगवां में संचालित एनआरसी का भ्रमण किया गया। मौके पर एनआरसी में 10 बच्चे भर्ती मिले, डायरेक्टरों द्वारा बच्चों के आहार और हेल्थ फालोअप भी लिया गया।
खूंटी में टंगी मिली आयरन की गोलियां
जानकारी के अनुसार जब ज्वाइंट डायरेक्टर द्वारा मृतक के परिजनों से पूछताछ की जा रही थी अचानक से उनकी नजर खूंटी में टंगे पॉलीथिन पर पड़ी जिस पर आयरन की गोलियां मौजूद थीं। मौके पर एएनएम को उसे लाने के लिए कहा। पता चला कि 90 दिन की आयरन की गोली वैसी की वैसे ही रखी थी। उसका सेवन नहीं किया गया था। एएनएम द्वारा बताया गया कि हाल ही में यह गोलियां मृतक की मां को दी गई थी क्योंकि मां द्वारा बच्चों को ब्रेस्ट फीडिंग कराने में कठिनाई जा रही थी। एएनएम ने बताया कि मां को सलाह दी गई थी कि आयरन की गोली से ब्रेस्ट फीडिंग की समस्या हल हो जाएगी। बच्चों को गाय या बकरी का दूध नहीं देना होगा क्योंकि बच्चों की उम्र 4 माह है, इस उम्र में मां का दूध ही सर्वश्रेष्ठ होता है।
जेडी ने ये जाना
पोषण कार्य में लापरवाही महतैन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हटाई गई
महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोषण कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को पद से पृथक कर दिया है। बताया गया कि मझगवां विकासखंड अन्तर्गत उप स्वास्थ्य केन्द्र महतैन के अधीन ग्राम कैमहा की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जनकलली वर्मा के कार्यों की जांच कराई गई जिसमें पाया गया कि उनके द्वारा स्वस्थ्य एवं सुपोषित बच्चों के लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं किया, बच्चों को समय पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध नहीं हुईं। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
दादी के कहने पर रास्ते में बच्ची दफन
चिकित्सकों के मुताबिक गुरूवार की देर रात मृत बच्ची को रास्ते में दफन करने के मामले ने तूल पकड़ा था जिस पर बताया गया कि बच्ची की दादी के आदेश पर मझगवां बाईपास में बच्ची को दफन कि या गया। बताया गया कि एम्बूलेंस में बच्ची के चाचा भी साथ में थे जिन्होंने कहा कि रात हो गई है ऐसे में सुरांगी में बच्ची का अंतिम संस्कार करना ठीक नहीं।
तो क्या कागजों में चल रही कुपोषण से निपटने की जंग
जिले में एक तरफ कुपोषण से प्रशासन की जंग जारी है तो दूसरी ओर लगभग हर दूसरे माह एक न एक कुपोषित बच्चा अपनी जान गवां रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जंग लड़ी कहां जा रही है। क्या सिर्फ कुपोषण के खिलाफ जंग कागजों में चल रही है? जिस तरह के मैदानी हालात हैं ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है। कुपोषण से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमें और महिला बाल विकास द्वारा लगतार प्रयास किए जा रहे हैं। तो क्या वास्तव में प्रयास हो रहे हैं, दोनों विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं इन सब सवालों का जवाब जनता चाह रही है। कुपोषण के चलते बुधवार को एक मासूम की मौत के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्मा उठा है। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जहां व्यवस्था पर सवाल उठाया वहीं सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने सरकार की कार्यशैली को ही सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है। हालांकि इस पूरे मामले में सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं ने रहस्यमय चुप्पी साध रखी है।
मासूम की मौत व्यवस्था की गंभीर विफलता
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सतना में कुपोषण से मौत की खबर बेहद पीड़ादायक और झकझोर देने वाली है, कुपोषण के कारण मात्र 4 माह की मासूम बच्ची की मौत हो जाना सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता है। जब आंगनवाड़ी, पोषण अभियान और स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तब ऐसे मामले यह सवाल खड़े करते हैं कि आखिर जमीनी स्तर पर योजनाएं पहुंच क्यों नहीं पा रहीं? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक मासूम जिंदगी समय पर इलाज और पोषण के अभाव में खत्म हो गई यह केवल एक परिवार का दु:ख नहीं, बल्कि पूरे समाज और सरकार की जिम्मेदारी है। जरूरत है कि जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो, व्यवस्था को सुधारा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा कुपोषण के कारण अपनी जान न गंवाए, हर बच्चे का जीवन सुरक्षित रखना ही सच्चा विकास है।
उत्सव में खर्च हो रहे लाखों, बच्चे कुपोषण का शिकार
कुपोषण से मासूम की मौत पर विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि जिले के चित्रकूट क्षेत्र में एक ओर जहां उत्सवों के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उसी चित्रकूट में गरीब परिवारों के बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और प्रशासन की नाकामी पर सवाल खड़े करती है। चित्रकूट में लगातार बढ़ते कुपोषण के मामले में आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रहे हैं। देश- प्रदेश में सतना जिले का मझगवां विकासख्ांड कुपोषण दर के लिए बदनाम है, उसे रोकने में सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही है। कोई नई बात नहीं है, इसके पहले भी ऐसी घटना घटित हुई लेकिन अधिकारी गंभीर नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि कई परिवार अपने बच्चों को पर्याप्त दूध, भोजन और दवाइयां तक उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। विधायक श्री कुशवाहा ने कहा कि दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए, साथ ही कुपोषण प्रभावित परिवारों को विशेष अभियान चलाकर जो 15-20 दिवस की अभियान अवधि में कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी कर परिवारों को सहायता प्रदान की जाए। उक्त अभियान कागजों के आंकड़े से बाहर निकलकर होगा तभी जमीनी वास्तविकता सामने आएगी।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रक्षाबंधन पर भोपाल और रीवा के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी। पश्चिम मध्य रेलवे ने 25 से 31 अगस्त तक विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। साथ ही, रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच लगाए गए हैं। जानिए ट्रेनों का पूरा शेड्यूल, रूट और समय।
भोपाल के बोट क्लब पर राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप का समापन हुआ। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी 230 विधानसभाओं में स्टेडियम बनाने और खेल बजट बढ़ाने की बात कही।
स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस और होमगार्ड्स के 47 अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक, सराहनीय सेवा पदक तथा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से अलंकृत कर सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले की पोरसा तहसील के नगरा घाट पर आज यानी रविवार की सुबह चीख-पुकार और दहशत के माहौल के साथ शुरू हुई। चंबल नदी के उफान और तेज बहाव के बीच 150 से अधिक यात्रियों और 50 मोटरसाइकिलों को ले जा रहा एक स्टीमर अचानक बीच नदी में बंद हो गया।
मध्यप्रदेश में खाद की बिक्री पर लगाई गई अस्थायी रोक के बाद सरकार ने वितरण शुरू करने की समय-सीमा तय कर दी है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के अनुसार भारत सरकार के आईएफएमएस पोर्टल पर दर्ज उर्वरक स्टॉक और प्रदेश के खाद विक्रेताओं के वास्तविक भौतिक स्टॉक का मिलान आज रविवार को शाम तक पूरा कर लिया जाएगा।
माधव नेशनल पार्क में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक और खुशखबरी आई है। पन्ना से लाई गई मादा बाघिन एमटी-4 ने शावकों को जन्म दिया है, जिसकी एक शावक के साथ पहली तस्वीर सामने आई है। इस नए मेहमान के आगमन के साथ ही रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर अब 9 हो गया है।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 34 करोड़ के धान परिवहन घोटाले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे राज्य में व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं। फर्जी वाहनों से धान ढुलाई के मामले में सभी जिलों के कलेक्टरों और EOW से रिपोर्ट तलब की गई है।
भोपाल के कोलार रोड पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में 'कर्मश्री' संस्था द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने की घोषणा से जुड़ी पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक में 'हर घर तिरंगा' और 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।
स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाला पारंपरिक एट होम समारोह इस बार मध्यप्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर रहेगा।