सतना जिले में कुपोषण गंभीर चुनौती बना हुआ है। 1357 बच्चे अति गंभीर कुपोषण की श्रेणी में हैं, लेकिन पोषण पुनर्वास केंद्रों में बेड खाली पड़े हैं। विभागीय समन्वय की कमी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सतना जिले में कुपोषण का संकट फिर उजागर हुआ है। नागौद क्षेत्र के पनास आंगनवाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य जांच के दौरान 7 बच्चे अति गंभीर कुपोषित पाए गए। चार माह पहले मझगवां क्षेत्र में मासूम रजा हुसैन की मौत के बाद भी जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर स्वास्थ्य अमले तक की लापरवाही जारी है। आंकड़े बताते हैं कि सतना के 125 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में कुपोषण का स्तर सरकारी मानकों से कई गुना अधिक है। योजनाओं और बजट के बावजूद नतीजे नहीं दिख रहे, जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन हैं।
सिरमौर सिविल अस्पताल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्म दिवस पर आयोजित स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की बैठक में बाल रोग विशेषज्ञ ने चिंता जताई कि क्षेत्र में कुपोषित बच्चों की भरमार है, जबकि पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में बेड खाली पड़े हैं। आगामी कार्यशालाओं में इस समस्या पर जनभागीदारी से काम होगा।
सतना जिले में दस्तक अभियान का समापन नजदीक है लेकिन लक्ष्य से विभाग पीछे है। 3 दिन में 30 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग बाकी। रिपोर्ट में एनीमिया, कुपोषण और डायरिया जैसे गंभीर मामले उजागर हुए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतना-मैहर में दस्तक अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 22 जुलाई से होगी। 0-5 साल के बच्चों में दस्त, निमोनिया, कुपोषण जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए 2.97 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग, दवा वितरण और माता-पिता की काउंसिलिंग की जाएगी।
मध्यप्रदेश में कुपोषण के चर्चित चंबल अंचल एक बार फिर सुर्खियों में है। शिवपुरी जिले में एक बार फिर कुपोषण की भयावह तस्वीर सामने आई है। जुलाई माह में अब तक डेढ़ दर्जन नए कुपोषित बच्चों का केस उजागर हुआ है। इससे जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है।
सतना जिले में बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए दस्तक अभियान का दूसरा चरण 22 जुलाई से शुरू होगा। 57 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में 0 से 5 वर्ष के बच्चों की निमोनिया, डायरिया और कुपोषण के लिए स्क्रीनिंग की जाएगी। बच्चों को दवाएं वितरित की जाएंगी और माता-पिता की काउंसिलिंग कर उन्हें जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ता रोजाना हजारों बच्चों की जांच करेंगे।



















