रीवा संभाग में गेहूं उपार्जन की रफ्तार धीमी है, 32 दिन बाद भी केवल 25 प्रतिशत खरीदी हो सकी। किसानों को अव्यवस्था, तौल देरी, बारदाना कमी और भुगतान विलंब जैसी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं।
भोपाल के एमपी नगर में विभिन्न मांगों को लेकर किसान धरने पर बैठ गए हैं। गेहूं खरीदी, भूमि अधिग्रहण मुआवजे और राजस्व मामलों में हो रही देरी के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है।
मौहारी स्टील सायलो की क्षमता भरने से गेहूं खरीदी रुकी, किसानों को लंबी कतारें, टोकन व्यवस्था नहीं, रेऊरा शिफ्ट की अनिश्चितता, 400 ट्रैक्टर पहुंचने से हालात बिगड़े, उगाही आरोपों से व्यवस्था सवालों में घिरी हुई
मध्य प्रदेश के हरदा में किसान क्रांति आंदोलन शुरू। एमएसपी और मूंग खरीदी को लेकर 1000 ट्रैक्टरों के साथ मंडी में महापड़ाव। जानें क्यों ट्रंप के नाम लिखा गया ज्ञापन।
सतना जिले में ई-उपार्जन पोर्टल की सर्वर समस्या से किसान जूझ रहे हैं। न स्लॉट बुक हो पा रहे हैं और न उपज चढ़ रही है, जिससे भुगतान और खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
रीवा संभाग में गेहूं खरीदी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान खैरा केंद्र पर व्यवस्थाओं में कमी मिली। कमिश्नर बीएस जामोद ने नाराजगी जताते हुए प्रबंधक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, सुधार के आदेश दिए।
रीवा-मऊगंज की बिगड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर भोपाल सख्त हुआ है। 26 अप्रैल को एसीएस और 27 अप्रैल को हेल्थ कमिश्नर औचक निरीक्षण करेंगे। विभाग में दवा खरीदी जांच को लेकर खलबली है।
सतना मंडी में चना और मसूर की आवक बढ़ी, लेकिन एमएसपी पर खरीदी के आंकड़े सामने नहीं आए। कम कीमतों और स्लॉट की कमी से किसान परेशान, सिर्फ 5 प्रतिशत ही बेचने तैयार।
रीवा जिले में गेहूं खरीदी की घोषणा के तीन दिन बाद भी एक क्विंटल तौल नहीं हुई। बारदाने की कमी, भरे गोदाम और प्रशासनिक लापरवाही से किसान परेशान होकर लौट रहे हैं।
सतना जिले में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया बेहद धीमी है। सात दिन में केवल 5.83 फीसदी स्लॉट बुक हुए हैं और 77 में से सिर्फ पांच केंद्रों पर खरीदी शुरू हो पाई है।






















