सतना-मैहर में खरीफ सीजन के लिए खाद का पर्याप्त भंडारण होने के सरकारी दावों के बावजूद बिक्री केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लगी हैं। आंकड़ों में उपलब्धता और वास्तविक वितरण के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।
रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली जिलों में किसानों को खरीफ सीजन में खाद संकट का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी बैंक द्वारा मार्कफेड की 10 करोड़ रुपये की राशि नहीं लौटाए जाने से खाद वितरण पर असर पड़ा है। यूरिया और डीएपी की डिमांड भेजी गई है, लेकिन रैक लोडिंग में देरी किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है।














