सतना जिले में एनीमिया से जूझ रहीं गर्भवती महिलाओं की संख्या चिंताजनक। अनमोल पोर्टल रिपोर्ट में हर दिन औसतन 17 महिलाओं में खून की कमी सामने आई।
सतना जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में बड़ा भ्रष्टाचार उजागर। गर्भवती महिलाओं को 50 रुपए के बजट की जगह सिर्फ 20 रुपए का आहार दिया गया। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल, एजेंसी पर कार्यवाही की तैयारी।
सतना जिले में जननी सुरक्षा योजना और मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना प्रभावित। अनमोल पोर्टल 2.0 के अनुसार 4,600 से अधिक गर्भवती महिलाओं के खाते आधार से लिंक और डीबीटी इनेबल्ड नहीं, जिससे भुगतान अटका।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में सतना जिले की 138 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।
हिंदू धर्म में तेरहवीं (मृत्युभोज) एक पवित्र कर्म है, पर ज्योतिषियों के अनुसार कुछ लोगों को इससे बचना चाहिए। जानें क्यों गर्भवती महिलाएं, तपस्वी और बीमार व्यक्ति मृत्युभोज में शामिल न हों। इसका पालन पितरों की शांति और अपनी पवित्रता के लिए क्यों जरूरी है, जानें।
सतना जिला अस्पताल में सिकल सेल एनीमिया के 17 मरीजों की पहचान की गई है, जिनमें 12 को नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता होती है। 2025 की शुरुआत से अब तक 1410 गर्भवती महिलाओं की जांच में 535 पॉजिटिव पाई गई हैं।


















