सतना जिले में दस्तक अभियान का समापन नजदीक है लेकिन लक्ष्य से विभाग पीछे है। 3 दिन में 30 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग बाकी। रिपोर्ट में एनीमिया, कुपोषण और डायरिया जैसे गंभीर मामले उजागर हुए हैं।
सतना और मैहर जिलों में दस्तक अभियान के दौरान 0 से 5 साल के 9 हजार से अधिक बच्चे एनीमिया से ग्रसित पाए गए हैं, जिनमें 18 सीवियर एनीमिक हैं। यह आंकड़े बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता पैदा कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतना-मैहर में दस्तक अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 22 जुलाई से होगी। 0-5 साल के बच्चों में दस्त, निमोनिया, कुपोषण जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए 2.97 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग, दवा वितरण और माता-पिता की काउंसिलिंग की जाएगी।
रीवा जिले में 22 जुलाई से दस्तक अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें 2.88 लाख बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग की टीमें घर-घर जाकर बीमार बच्चों की पहचान कर दवाएं और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती भी कराएंगी।
सतना जिले में बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए दस्तक अभियान का दूसरा चरण 22 जुलाई से शुरू होगा। 57 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में 0 से 5 वर्ष के बच्चों की निमोनिया, डायरिया और कुपोषण के लिए स्क्रीनिंग की जाएगी। बच्चों को दवाएं वितरित की जाएंगी और माता-पिता की काउंसिलिंग कर उन्हें जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य कार्यकर्ता रोजाना हजारों बच्चों की जांच करेंगे।

















