धारकुंडी आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज को भू-समाधि दी गई। यह केवल एक संत की विदाई नहीं, बल्कि करुणा, तप, संयम और मौन साधना से भरे युग का शांत अवसान है।
धारकुंडी धाम में परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज के महाप्रयाण पर श्रद्धा का महासंगम उमड़ा। मुख्यमंत्री समेत हजारों श्रद्धालुओं ने अंतिम दर्शन किए।
सतना जिले के प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र धारकुंडी आश्रम के संस्थापक परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज की पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए आश्रम में रखी गयी।
आध्यात्मिक चेतना के शिखर पुरुष और चित्रकूट स्थित प्रसिद्ध धारकुंडी आश्रम के संस्थापक स्वामी परमहंस सच्चिदानंद जी महाराज 102 वर्ष की आयु में ब्रह्मलीन हो गए हैं।
सतना के घने जंगलों में स्थित धारकुंडी आश्रम अपनी आध्यात्मिक शांति और महाभारत कालीन संबंधों के लिए प्रसिद्ध है। जानें स्वामी सच्चिदानंद जी और अघमर्षण कुंड का रहस्य।
सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा बेचने की सूचना पर दबिश दी। आरोपी के पास 310 ग्राम गांजा और चार वन्यजीव प्राणी की सींग बरामद हुईं। आरोपी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया।


















