गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च की डेडलाइन पर चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और 2014 के बाद हुए विकास कार्यों का विवरण दिया।
उम्मीद की जा रही है कि मार्च-2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा। इसी बीच छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के जंगल-पहाड़ों में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने सर्च आपरेशन शुरू किया। तभी नक्सलियों से सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हो गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आईपीएस सर्विस मीट में पुलिस के अनुशासन की तारीफ की और नक्सलवाद को खत्म करने के लिए बधाई दी। जानें प्रमोशन और नई भर्तियों पर सीएम की घोषणाएं।
सुकमा जिले में सुरक्षा बलों के दबाव और पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। जानें कैसे केरलपाल एरिया कमेटी नक्सल-मुक्त होने की ओर बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। डीआरजी के जवानों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान 14 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। सुरक्षाबलों ने सुकमा में किस्टाराम इलाके में तलाशी अभियान चलाया था।
देश में लाल आतंक के खात्मे के लिए प्रभावित राज्य सरकारें दिन-रात अभियान चला रही हैं। सेना और पुलिस के जवान जंगलों का चप्पा-चप्पा छान रहे हैं। दबाव के चलते 2025 में सबसे ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है। अब दावा किया जा रहा है कि गिने-चुने ही नक्सली बचे हैं।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक बार फिर जवानों को लाल आतंक से लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है। गोलापल्ली थाना क्षेत्र के जंगल-पहाड़ी में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में गुरुवार को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को ढेर कर दिया है। मौके से हथियार भी मिले हैं।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने 2 साल की उपलब्धियों में नक्सलवाद पर पूर्ण नियंत्रण, 800 करोड़ की शिप्रा शुद्धिकरण योजना और इंदौर-भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र विकास को प्रमुख बताया। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राइवेट से अधिक वेतन देने की घोषणा।
सागर-झांसी NH 44 पर ट्रक से टक्कर में शहीद हुए मुरैना BDS टीम के 4 जवानों की पार्थिव देह मुरैना पहुंची। चंबल आईजी, डीआईजी ने श्रद्धांजलि दी और परिजनों को 5 लाख की आर्थिक सहायता दी। जवान बालाघाट में नक्सल विरोधी ड्यूटी से लौट रहे थे।
नक्सलवाद को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे मिशन-2026 को लेकर बालाघाट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कान्हा भोरमदेव डिवीजन (केबी) के 10 नक्सलियों ने देर रात बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। मध्य प्रदेश के इतिहास में यह सबसे बड़ा नक्सली आत्मसमर्पण है।






















