कोठी नगर परिषद का हाल यह है कि गंदगी की नदियां सीधे तहसील कार्यालय तक बह रही हैं। नालियां वर्षों से साफ नहीं हुईं, सड़कें गंदे पानी में डूबी हैं और स्वच्छता अभियान सिर्फ दीवारों पर लिखे नारों तक सिमट गया है। नगर परिषद का ब्रांड एंबेसडर बनाने के बाद भी हालात जस के तस हैं। जनता में आक्रोश है और अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं।
सतना जिले की नगर पंचायत नागौद में पार्षदों की नाराजगी खुलकर सामने आई है। इंजीनियर और सब इंजीनियर की मनमानी कार्यशैली के विरोध में पीआईसी के सभी सदस्यों समेत 7 पार्षदों ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपा है।
शहडोल जिले के जयसिंहनगर नगर परिषद क्षेत्र में शासकीय जमीन पर अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। परिषद कार्यालय के सामने बस स्टैंड तक पर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है। प्रशासन की आंखों के सामने हो रहे इस अतिक्रमण पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
इंदरगढ़ में निमार्णाधीन तालाब में डूबने से तीन बच्चियों की मौत के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाए गए नगर परिषद इंदरगढ़ के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी महेन्द्र सिंह यादव को पद से हटा दिया गया है। उनके खिलाफ पूर्व में सामने आई लाखों की वेतन अनियमितता को लेकर भी जांच का हवाला देते हुए कार्रवाई की गई है।
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में एक दुखद हादसा हुआ है, जहां इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के दालमिल रोड पर बने भुजरिया तालाब में नहाने गईं तीन बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। नगर परिषद द्वारा निर्मित इस तालाब में सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

















