सतना जिले में एफएमडी टीकाकरण अभियान सुस्त पड़ा है। 3.84 लाख लक्ष्य के मुकाबले केवल 66 फीसदी टीकाकरण हुआ, शेष आठ दिनों में प्रतिदिन 16 हजार से अधिक टीके लगाना बड़ी चुनौती बन गया है।
इंदौर में स्वच्छता के पीछे छिपे जल-वायु प्रदूषण पर हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान। बिना अनुमति चल रहे 243 उद्योगों को नोटिस जारी, बिजली काटने की तैयारी। 9 फरवरी को अगली सुनवाई।
भोपाल NGT ने मध्य प्रदेश के शहरों में दूषित पानी की सप्लाई पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। IIT इंदौर और CPCB की टीम जांच करेगी। जानें एनजीटी के 14 नए नियम
सतना के वार्ड क्रमांक 16 कृपालपुर में प्रस्तावित सीएनजी गैस प्लांट को शहर से बाहर स्थापित करने की तैयारी है। जांच में नियमों के उल्लंघन, रिहायशी बस्ती, आंगनवाड़ी और नदी के नजदीक होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थापना निरस्त करने की अनुशंसा की है।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में फुटबॉलर लियोनेल मेसी की एक झलक पाने को बेताब खेल प्रेमियों ने उनके जाते ही बवाल कर दिया। टेबल-कुर्सी तोड़ना शुरू कर दिया। महंगी टिकट खरीदने के बावजूद उन्हें मेसी को देखने तक का मौका नहीं मिला। इसकी वजह थी वीआईपी कल्चर।
शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा। राहुल गांधी ने RSS पर ED, CBI, IB और चुनाव आयोग को नियंत्रित करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने SIR को NRC से जोड़ा।
पाकिस्तान में आर्मी चीफ आसिम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बनाने का नोटिफिकेशन PM शहबाज शरीफ के हस्ताक्षर न करने के कारण अटक गया है। इस पद से सेना को परमाणु हथियारों पर पूर्ण नियंत्रण मिलेगा, जिस पर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। जानिए देरी की वजह और इसके मायने।
1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस पर जानिए HIV/AIDS की वैश्विक स्थिति और भारत में किए गए प्रयासों का लेखा-जोखा। संयुक्त राष्ट्र के '95-95-95' लक्ष्य की प्रगति क्या है, और 2030 तक इस महामारी को खत्म करने की राह में क्या चुनौतियाँ हैं? नवीनतम आँकड़ों के साथ विस्तृत आलेख पढ़ें।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹19,919 करोड़ की चार परियोजनाएं, जिसमें ₹7280 करोड़ की दुर्लभ पृथ्वी स्थायी मैग्नेट (REPM) निर्माण प्रोत्साहन योजना शामिल है, को मंजूरी दी है। यह योजना चीन के निर्यात नियंत्रणों के बीच भारत के EV और रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाएगी।
दीपावली से दो दिन पहले मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब श्रेणी में पहुंच गया है। MPPCB के आंकड़ों के अनुसार, कई स्थानों पर AQI 175 के पार है। वाहनों की भीड़, धूल और आतिशबाजी से बढ़ रहे इस प्रदूषण से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा है। जानें मौजूदा स्थिति, कारण और बचाव के उपाय।






















