सतना जिले में बरसात के चलते संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। उल्टी, दस्त, पीलिया, हैजा, मलेरिया और डेंगू जैसे रोगों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीमों का गठन किया है। सभी ग्रामों में डिसइंफेक्शन और जागरूकता अभियान जारी है।
गुरुवार की रिमझिम बारिश ने सतना जिले में विद्युत व्यवस्था को फैलाइ दिया संकट। शहर और गांवों में दर्जनों फीडर फॉल्ट, ट्रांसफॉर्मर डूबना और बिजली पोल गिरने की वजह से 50+ गांवों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी। पवैया पावर हाउस और चित्रकूट क्षेत्र में जलभराव के कारण सप्लाई ठप रही। युद्धस्तर पर मरम्मत जारी, लेकिन फिर भी व्यवस्था चरमराई है।
सतना नगर निगम ने 66 जर्जर भवन चिन्हित तो किए, पर कार्रवाई भूल गया। पूर्व में हो चुकी मौतों से भी सबक नहीं लिया गया, बरसात में बना है हादसे का खतरा।
सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने मानसून के मद्देनजर अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की पहचान, जल निकासी व्यवस्था, और स्वास्थ्य से जुड़े उपायों को प्राथमिकता देने की बात कही। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए निरीक्षण और समयबद्ध कार्यवाही पर ज़ोर दिया गया है।
















